तो इस वजह से लॉकडाउन में भी धड़ल्ले से, तीन गुना कीमत पर बिक रही थी सिगरेट

  • सिटी पुलिस आयुक्त ने डीजीपी को सौंपी जांच रिपोर्ट

By: Santosh kumar Pandey

Published: 10 May 2020, 05:33 PM IST

बेंगलूरु. पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने पुलिस महा निदेशक प्रवीण सूद को जांच रिपोर्ट पेश कर केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के सहायक पुलिस आयुक्त प्रभु शंकर को निलंबित कर कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की।

भास्कर राव ने शंकर प्रभू को सीसीबी से पुलिस कंट्रोल रूम को स्थानांतरित कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रभु शंकर ने लॉकडाउन के दौरान सिगरेट बेचने के लिए व्यापारियों से 62.5 लाख रुपए रिश्वत लीे। निवास पर छापा मार कर नकद 25 लाख रुपए जब्त किए गए। बताया जाता है कि गत माह 30 अप्रेल को सीसीबी पुलिस ने के.आर.पुरम में सिगरेट व्यापारियों के ठिकानों पर छापा मारा था। उस समय प्रभु शंकर के रिश्वत लिए जाने का पता चला था।

विभागीय स्तर पर आंतरिक जांच के दौरान प्रभु शंकर ने रिश्वत लेने के आरोप को स्वीकार किया। व्यापारी आदिल अजीज का भी बयान लिया गया। इस सिलसिले में सीसीबी के पुलिस उपायुक्त रवि कुमार ने भास्कर राव से शिकायत की थी। फिर जांच का आदेश मिलने पर उन्होंने खुद जांच कर रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध था। फिर भी व्यापारियों ने अवैध रूप से सिगरेट की बिक्री जारी रखी। एक सिगरेट के लिए तीन गुणा अधिक दाम लेने लगे थे। इसकी भनक लगने पर प्रभूशंकर ने अपने भरोसेमंद रियल एस्टेट एजेंट के जरिए व्यापारियों से रुपए लूटने की योजना बनाई।

प्रभू शंकर ने शहर के प्रमुुख सिगरेट के खुदरा व्यापारी आदिल अजीस समेत आठ व्यापारियों से संपर्क किया। प्रभू शंकर ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनहें सिगरेट बेचने का मौका देगा और सीसीबी का छापा नहीं पड़ेगा।

व्यापारियों ने अप्रेल के पहले सप्ताह में प्रभु शंकर को रिश्वत के तौर पर 32.50 लाख रुपए दिए। इस बीच सीसीबी के पुलिस निरीक्षक अजय कुमार और निरंजन ने सिगरेट के अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर छापा मारा। व्यापारियों ने नाराजगी जताई और रिश्वत लेने के बावजूद छापा मारने का आरोप लगाया। दोनों पलिस अधिकारियों ने पुलिस उपायुक्त रवि कुमार से शिकायत की।

संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने रवि कुमार से समग्र रिपोर्ट प्राप्त की थी। फिर पुलिस आयुक्त ने रवि कुमार को जांच की जिम्मेदारी दी। जांच से पता चला कि प्रभु शंकर ने एजेंट के जरिए व्यापारियों से 62.50 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर प्राप्त किए थे।

Santosh kumar Pandey Desk
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