देश को अस्थिर करने के प्रयास : कपिल मिश्रा

इन कानूनों के बारे में सरल भाषा में संवाद करना चाहिए।

By: Sanjay Kulkarni

Published: 18 Dec 2020, 09:10 AM IST

बेंगलूरु. पहले देश विरोधी ताकतों ने नागरिकता सुधार अधिनियम (सीएए) तथा राष्ट्रीय नागरिकता पंजीयन (एनआरसी) के विरोध के आड़ में देश को अस्थिर करने का प्रयास किया था। आज यही ताकतें कृषि सुधार कानून के विरोध के आड़ में फिर लामबंद हो रही हैं। पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने यह बात कही।हिंदू जनजागृति समिति की ओर से आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि इस बार यह ताकतें किसानों को भ्रमित कर रही हैं। उनके मंसूबों पर पानी फेरने के लिए हमें सामाजिक अभियान चलाकर किसानों के साथ संवाद करना होगा।

लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर ने कहा कि केंद्र सरकार को सीएए कानून लाने से पहले विदेश में हिंदुओं के साथ होने वाले अत्याचारों को लेकर श्वेतपत्र जारी करना था। कानून की सही जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण इसे लेकर भ्रामक प्रचार किया गया। कृषि सुधार कानून को लेकर भी ऐसे ही प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को सूचना प्रसार माध्यमों का सही उपयोग करते हुए देश के किसानों को इन कानूनों के बारे में सरल भाषा में संवाद करना चाहिए।

बेंगलूरु में घट रहे कन्नड़ बोलने वाले : भास्कर राव

बेंगलूरु. आंतरिक सुरक्षा विभाग (आईएसडी) के अतिरिक्त पुलिस महा निदेशक भास्कर राव ने कहा कि बेंगलूरु का विस्तार होने से कन्नडभाषियों की संख्या घटने लगी है।उन्होंने गुरुवार को जय नगर में अखिल कर्नाटक पुनीत राजकुमार समरा सेने के जरिए आयोजित कन्नड़ नाडा हब्बा (स्थानीय त्योहार) में सफाई कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं को राशन किट वितरित किए ।उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से आए लोग बेंगलूरु के बाहरी क्षेत्रों में रहने लगे है।

शहर में मकानों का किराया अधिक है। इसलिए कन्नड़ जानने वाले युवकों और विभिन्न कन्नड़ संगठनों को बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कन्नड़ सिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी क्षेत्रों में अन्य भाषा का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।डॉ.तेजस्विनी अनंत कुमार ने कहा कि उनके दिवंगत पति को कन्नड़ से बहुत लगाव था। वे हमेशा से ही कन्नड़ में हस्ताक्षर करते थे। संसद में कन्नड़ भाषा में ही पहली बार कन्नड़ में शपथ ली थी। संंयुक्त राष्ट्र में भी कन्नड़ में भाषण दिया था।इस अवसर पर पुनीत राजकुमार समरा सेने के अध्यक्ष चन्द्रशेखर, अभिनेता जयराम कार्तिक, सेवा निवृत्त न्यायाधीश एन.कुमार और समरा सेने के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Sanjay Kulkarni Reporting
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