चल्लकेरे बनेगा भारतीय मानव मिशन का केंद्र

गगनयान ही नहीं, मानव मिशन जुड़ी गतिविधियां यहीं से होंगी संचालित, अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा विदेश, साइंस सिटी में 400 एकड़ क्षेत्र में बनेगा यह केंद्र

By: Rajeev Mishra

Updated: 06 Jan 2020, 07:07 PM IST

बेंगलूरु.

मानव मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चित्रदुर्गा स्थित चल्लकेरे में विश्वस्तरीय केंद्र स्थापित करेगा जहां अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण से लेकर मानव मिशन से जुड़ी तमाम गतिविधियां संचालित होंगी।

बेंगलूरु-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे चल्लकेरे की लगभग 400 एकड़ बंजर जमीन पर इसरो का यह नया केंद्र योजना के मुताबिक अगले तीन साल में तैयार होगा। इसरो अध्यक्ष के.शिवन ने कहा कि मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम (एचएसपी) से जुड़ी तमाम गतिविधियां चल्लकेरे स्थित केंद्र में स्थानांतरित हो जाएंगी। इस केंद्र का विकास अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह से किया जाएगा कि हर सुविधाएं यहां मिले। गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने के लिए रूस भेजा जा रहा है लेकिन भविष्य में यहां ऐसी सुविधाएं होंगी कि विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इसरो ने इस केंद्र के विकास के लिए 2700 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया है। शिवन ने कहा कि जब यह केंद्र तैयार होगा तब मानव मिशन से जुड़ी गतिविधियों के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं रह जाएगी। दरअसल, विदेशों से सहायता के लिए भारत को भारी-भरकम राशि का भुगतान करना पड़ता है। गगनयान मिशन के तहत वर्ष 2022 तक तीन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसके लिए चार अंतरिक्षयात्रियों का चयन किया जा चुका है जिन्हें जनवरी के तीसरे सप्ताह में प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा। हालांकि, चल्लकेरे केंद्र के तैयार होने में अभी कम से कम तीन साल का समय लगेगा और संभवत: यह केंद्र पहले मानव मिशन के बाद ही अस्तित्व में आए।

फिलहाल मानव मिशन से जुड़ी गतिविधियां कई केंद्रों में संचालित हो रही हैं। कुछ गतिविधियां तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में चल रही हैं तो कुछ गतिविधियां यूआर राव अंतरिक्ष केंद्र बेंगलूरु से संचालित हो रही हैं। अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण का आखिरी चरण वायुसेना के एयरोस्पेस मेडिसिन केंद्र में होगा। यहीं पर अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का पहला चरण भी पूरा हुआ था। चल्लकेरे केंद्र ऐसा होगा जहां यह सबकुछ होगा। शिवन के अनुसार मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम एक ही मिशन गगनयान परियोजना के साथ खत्म नहीं होगा। यह कार्यक्रम भविष्य में चलता रहेगा। इसके लिए एक बड़े केंद्र की आवश्यकता अपने देश में है।

गौरतलब है कि बेंगलूरु से लगभग 400 किमी की दूरी पर स्थित चल्लकेरे साइंस सिटी के उपनाम से मशहूर है। यहां रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ), भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), भारतीय विज्ञान संस्थान (आइआइएससी) और इसरो के केंद्र हैं जो लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में फैले हैं।

Rajeev Mishra Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned