अध्यात्म संतुलित जीवन जीने का तरीका: देवेंद्रसागर

  • पाश्र्व सुशीलधाम में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 22 Feb 2021, 01:55 PM IST

बेंगलूरु. पाश्र्व सुशीलधाम में आचार्य देवेंद्रसागर सूरी ने प्रवचन में कहा कि अध्यात्म को अगर सही रूप में देखा जाए तो यह संपूर्ण और संतुलित जीवन जीने का एक सार्वभौमिक तरीका है। हममें से हर एक को इस धरा पर एक सीमित जीवन मिला है।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म एक ऐसा विज्ञान है जो हमारे जीवन में प्रेम, शांति, खुशी और विवेक की शक्ति प्रदान करता है। अध्यात्म का मूल सिद्धांत यह है कि हममें से प्रत्येक वास्तव में एक आत्मा है जो कि थोड़े समय के लिए इस भौतिक शरीर में आई है। मृत्यु के बाद हर एक को इस दुनिया से जाना है।
संत बताते हैं कि हमारे जीवन का उद्देश्य अपनी आत्मा का मिलाप परमात्मा से करना है।

जब हम अंतर में ध्यान टिकाते हैं तो हम देहाभास से ऊपर उठकर अपने अंतर में स्थित दिव्य मंडलों में पहुंच जाते हैं। लगातार अभ्यास करने पर हमें यह विश्वास हो जाता है कि हम ज्योति और शब्द से जुड़ सकते हैं। ज्योति और श्रुति के अभ्यास से हम प्रेम, शांति, सौहार्द और आनंद को पा लेते हैं।

Santosh kumar Pandey Desk
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