राज्य सरकार ने जिलाधिकारी को दिए जांच के आदेश

धारवाड़ के निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन हादसा प्रकरण की जांच धारवाड़ जिलाधिकारी से ही कराने के राज्य सरकार ने आदेश दिए हैं।

By: शंकर शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 11:39 PM IST

हुब्बल्ली. धारवाड़ के निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन हादसा प्रकरण की जांच धारवाड़ जिलाधिकारी से ही कराने के राज्य सरकार ने आदेश दिए हैं। भवन गिरने के आरम्भ के दिनों में राज्य सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच कराने की इच्छा जताई थी परन्तु इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर, सांसद प्रहलाद जोशी, विधायक अमृत देसाई, अरविंद बेल्लद ने आपत्ति जताते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से ही जांच कराने की मांग की थी। इस पर आक्रोशित हुए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा था कि राज्य सरकार सक्षम है। न्यायिक जांच की जरूरत नहीं है।

चाहे तो जगदीश शेट्टर के नेतृत्व में ही जांच हो। इसके चलते आखिरकार राज्य सरकार ने बुधवार को धारवाड़ जिलाधिकारी दीपा चोळन के नेतृत्व में ही भवन हादसे की जांच करने के आदेश जारी किया है। 19 मार्च को हुए बहुमंजिला भवन हादसा मामले में कत्र्तव्य में लापरवाही के आरोप के तहत हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम के सात अधिकारियों को जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर 23 मार्च को निलंबित कर दिया गया।

लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी के साथ अतिरिक्त तौर पर भवन हादसे की जांच कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके चलते जिलाधिकारी दीपा चोळन पर भवन हादसे में मृत 19 जनों तथा 57 घायलों के परिजनों को न्याय उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। अब देखना है कि वे इसे किस प्रकार से अंजाम तक पहुंचाती हैं।

महानगर निगम प्रशासन के खिलाफ जताया रोष
हुब्बल्ली. शहर के केश्वापुर स्थित आजाद कालोनी में बुधवार को हुई बारिश का पानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घुसने से व्यवसायियों को हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। व्यवसायियों ने कहा कि बारिश का पानी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घुसने के लिए नालियों की अव्यवस्था ही कारण है।

बारिश के शुरुआत में ही ऐसी जलमग्न की समस्या पेश आने पर भी महानगर निगम अधिकारी तथा महानगर निगम पार्षद ने किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की है। हर बारिश होने पर इसी प्रकार पानी भीतर घुसता है। महानगर निगम पार्षद को कई बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ है। शीघ्र नाली तथा सडक़ की मरम्मत करने का दुकानदारों तथा जनता ने महानगर निगम से मांग की है।

शंकर शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned