स्वरोजगार को बढ़ावा देगी राज्य सरकार

अजा-जजा,पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

By: Sanjay Kulkarni

Published: 21 Aug 2021, 07:31 PM IST

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि अजा-जजा, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के आवासीय स्कूलों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश से विशेष कार्यक्रम बनेगा। उन्होंने शुक्रवार को विधान सौधा के बेंक्वेट हॉल में आयोजित देेवराज अर्स पुरस्कार समारोह में यह बात कही।
बोम्मई ने कहा कि सीबीएसई की तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश से आवासीय स्कूलों का उन्नतिकरण होगा। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। ठात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपना रोजगार आरंभ करने और दूसरों को रोजगार देने वाले उद्योगपति बनने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) और नीट परीक्षा लिखने के के लिए छात्रों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बोम्मई ने कहा कि सरकार से पिछडे वर्ग के 8.50 लाख छात्रों को 625 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दे रही है। खुद का रोजगार शुरू करने के लिए ऋण दिया जा रहा हैै। इसके लिए 83 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हंै। इस साल तीन बंजारों के लिए तीन आवासीय स्कूल आरंभ किए है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में नौकरी मिलने की संभावना कम हो चुकी हैं। इसीलिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र मेंं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन विवाद से संबंधित काफी मामले पुलिस थाने में दर्ज होते हैं। अर्स ने भूमि सुधार कानून लाकर नई क्रांति की थी। अर्स सरकार के कार्य और उपलब्धियां अन्य सरकारों के लिए एक आदर्श हैं।
इस अवसर पर कायका योगी सुमंगली सेवाश्रम की अध्यक्ष सुशीलम्मा, बी.एस.पाटिल और के.भास्कर दास एक्कार को अर्स पुरस्कार प्रदान किया गया।
समारोह में समाज कल्याण मंत्री कोटा श्रनिवास, विधायक रिजवान अरशद, सांसद पी.सी.मोहन, विधान परिषद सदस्य ए.देवगौड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मंजुनाथ प्रसाद और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Sanjay Kulkarni Reporting
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