पुरातन कन्नड़ भाषा में ज्ञान का भंडार : एचडी देवेगौड़ा

पुरातन कन्नड़ भाषा में ज्ञान का भंडार : एचडी देवेगौड़ा

Shankar Sharma | Updated: 25 Jun 2018, 10:33:26 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

पुरातन काल में कई राजा-महाराजा कन्नड़ साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए दान देते थे। पंप, रन्ना जैसे कवियों ने कन्नड़ साहित्य को समृद्ध बनाने में जो योगदान दिया है, वह अविस्मरणीय है।

श्रवणबेलगोला. पुरातन काल में कई राजा-महाराजा कन्नड़ साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए दान देते थे। पंप, रन्ना जैसे कवियों ने कन्नड़ साहित्य को समृद्ध बनाने में जो योगदान दिया है, वह अविस्मरणीय है। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने यह बात कही।


रविवार को चावुंडराय सभा मंडप में कन्नड़ साहित्य परिषद की ओर से आयोजित पुरातन कन्नड़ साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि वर्तमान में पुरातन कन्नड़ भाषा की हो रही अनदेखी चिंताजनक है। पुरातन कन्नड़ भाषा में ज्ञान का भंडार छिपा है। इसलिए इस भाषा के अध्ययन तथा शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


कन्नड़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष मनु बलिगार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पुरातन कन्नड़ भाषा लुप्त होने के कारण आज के विद्यार्थी सांस्कृतिक जड़ों से दूर हो रहे हैं। विद्यार्थियों को हमारे राज्य की समृद्ध साहित्य की सटीक जानकारी नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी राज्य की लोक कलाएं, लोक कथाओं से अनभिज्ञ हैं। इस स्थिति को बदलने के प्रयास होने चाहिए। संस्कृति के बगैर जीवन की कल्पना भी असंभव है।


समारोह में श्रवणबेलगोला मठ के प्रमुख चारुकीर्ति भट्टारक, साहित्यकार एच.पी. नागराजय्या, प्रो. एस.जी. सिद्धरामय्या, के.वाई. नारायणस्वामी, विधायक सी.एन. बालकृष्णा उपस्थित थे।

‘खिंवसरा बंधुओं ने बढ़ाया समाज का गौरव’
बेंगलूरु. खिंवसरा बंधु सदैव प्रगतिशील रहे हैं। उच्च शिक्षा, उच्च विचार एवं उच्च व्यवहार खिंवसरा बंधुओं की विशेषता रही है। इसीलिए आजादी से पूर्व राजा महाराजाओं के काल में राजे कार्यों में लेखा कार्यों की प्रमुख जिम्मेदारी खिंवसरा बंधुओं को दी जाती थी।


ये विचार गोडवाड़ भवन में आयोजित कर्नाटक खिंवसरा जैन संघ के आठवें स्नेह मिलन में लाभार्थी श्रीपाल कुमार खिंवसरा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि खिंवसरा बंधु जैन समाज का गौरव बढ़ाने में अग्रणी रहे हैं। सीमादेवी खिवंसरा ने गीतिका पेश की। अध्यक्ष शांतिलाल खिंवसरा ने स्वागत करते हुए संघ प्रगति में सहयोग का आह्वान किया। उपाध्यक्ष रतनचंद खिंवसरा ने संघ की गतिविधियां बताईं। मंत्री एल सुभाषचंद खिंवसरा ने आभार जताया। मोहनलाल श्रीपालकुमार, विमलकुमार सुभाषचंद खिंवसरा परिवार का बहुमान किया।

जैन युवा संगठन के नए चुने गए मंत्री दिनेश कुमार खिंवसरा व गोडवाड भवन के महामंत्री कुमारपाल सिसोदिया का भी सम्मान हुआ। जादूगर ने अपनी जादुई कला का प्रदर्शन कर सभी का मनोरंजन किया। सुनील खिंवसरा के नेतृत्व में प्रश्रमंच में युवाओं ने उत्साह से भाग लिया। विभिन्न खेल स्पद्र्धाएं भी संपन्न हुईं। संचालन दिनेश कुमार खिंवसरा न व रोशन कुमार खिंवसरा ने किया।

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