स्वास्थ्यकर्मियों को मकान खाली करने के लिए तंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई: डा. सुधाकर

सुधाकर ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के घर पर आने जाने के कारण कुछ मकान मालिकों मेंं वायरस का संक्रमण फैलने का भय पाल लिया है और इस वजह से वे इन स्वास्थ्यकर्मियों को मकान खाली करके अन्यत्र चले जाने के लिए तंग कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बेंगलूरु

राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री डा. के. सुधाकर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल में कोरोना वायरस के संक्रमितों का उपचार करने वाले चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को मकान मालिकों द्वारा मकान खाली करने के लिए परेशान करने की शिकायतें मिली है लिहाजा ऐसे लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुधाकर ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के घर पर आने जाने के कारण कुछ मकान मालिकों मेंं वायरस का संक्रमण फैलने का भय पाल लिया है और इस वजह से वे इन स्वास्थ्यकर्मियों को मकान खाली करके अन्यत्र चले जाने के लिए तंग कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अगले 21 दिनों तक लोगों को घरों में ही रहने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से प्राण बचाने के लिए तीन सप्ताह तक सब कुछ सहन करना होगा। यह सच है कि 21 दिनों के लाकडाऊन के कारण लोगों को समस्याएं पेश आ रही हैं पर लोगों के प्राण बचाने के मकसद से ही यह कदम उठाया गया है। लोगों को जीवन चाहिए पर जीव उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। रोजमर्रा की जीवन अस्त व्यस्त हुआ है जिसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं पर यह सब आपकी भलाई के लिए किया जा रहा है। इन तीन हफ्तों के दौरान कोई भी कोरोना वायरस का पोजीटिव पाया जाएगा तो उनका समुचित इलाज करके उनको स्वस्थ किया जाएगा। किसी को चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि राज्य में अब तक 5 जनें इस घातक संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन आम जन को सामाजिक अंतर हर हाल में बनाकर रखना होगा। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि हमारे यहां पर इटली जैसे हालात उत्पन्न हो. वहां पर 7 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमण के कारण मारे जा चुके हैं और वहां की सरकार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। कोरोना के आंकड़ों के चक्कर में पडऩे के बजाय हमें इसका डटकर मुकाबला करने पर ध्यान केन्द्रित करने की जरुरत है। मंत्री ने कहा कि शहर के 31 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन किया गया है जहां पर अगले दो दिनों में फीवर क्लिनिक स्थापित करने के कदम उठाए जाएंगे और ये क्लिनिक दो तीन दिनों में काम करना शुरू कर देंगे। बुखार से पीडि़त कोई भी रोगी वहां पर जाकर अपनी जांच करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के उपचारके लिए राज्य में दवाईयों की कोई कमी नहीं है और जरुरत पडऩे पर सरकार और अधिक दवाईयों के खरीदने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री येडियूरप्पा ने किसी भी चीज के लिए धन की सीमा तय नहीं की है और कोरोना की रोकथाम के लिए अधिक धन आवंटित किया है। आवश्यक वस्तुओं की कमी को दूर करने के लिए सुपर मार्केट व किराणे की दुकानों को कोलने की अनुमति दी गई है और इन दुकानों के आस पास भी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए ताकि वहां पर लोगों की भीड़ जमा नहीं होने पाए। सुपर मार्केट पर थर्मल स्केनर लगाए गए हैं ताकि लोगों की किसी तरह का संक्रमण न हो। उन्होने कहा राज्य के आबकारी मंत्री नागेश ने डिस्टीलरीज के मालिकों के साथ बातचीत करके उनको सेनेटाईजर्स की आपूर्ति करने का आदेश दिया है। लोगों को कोरोना संक्रमितों,कोरोना की रोकथाम के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में समय समय पर पुरी पारदर्शिता के साथ सूचित करने के लिए देश में पहली बार राज्य में डेश बोर्ड की स्थापना की गई है और इसके जरिए मोबाईल फोन पर जानकारी दी जा रही है।

Corona virus
Surendra Rajpurohit Reporting
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