अधीक्षक अधिकारी को दो आरोप में सात साल सजा और जुर्माना

रिश्वत लेने का आरोप

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 05 Sep 2020, 03:12 PM IST

बेंगलूरु. कलबुर्गी के जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश आरजे सतीश सिंह ने रिश्वत लेने केआरोप में आलंद तहसील के क्षेत्रीय शिक्षाधिकारी कार्यालय के अधीक्षक अधिकारी शरणप्पा हूगार को तीन साल कठोर कारावास की सजा दी और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया। रिश्वत लेने के लिए मानसिक रूप से परेशान करनेे पर चार साल कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया।

आरोपपत्र के अनुसार आलन्द तहसील कूडलाहंगरा गांव की सरकारी शिक्षक सुनिता प्रसूती के लिए मुख्य प्राध्यापक से अनुमति लेकर मायके गई थी। तीन माह बाद सुनीता स्कूल जाकर काम करने लगी। उसका वेतन रोका गया था। सुनीता ने वेेतन जारी करने कार्यालय में अर्जी दी थी। आरोपी शरणप्पा हूगार ने वेतन जारी करने पांच हजार रुपए की मांग की थी। गत 10 नवंबर 2014 में आरोपी सुनीता से 1,500 रुपए रिश्वत लेते समय लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सरकारी वकील ए.एस.चान्दाकवटे ने मुकदमे की पैरवी की थी।

तीन लोगों से 35 लाख रुपए के पुराने नोट जब्त
बेंगलूरु. सुब्रमण्या नगर पुलिस ने निषेधित नोट चलाने का प्रयास करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर ३५ लाख रुपए के पुराने नोट जब्त किए।

पुलिस के अनुसार तूमकूरु के प्रसन्न कुमार (40), श्रीनिवास (३४) और प्रकाश नगर के राघवेन्द्र (41) मिल्क कालोनी के पास सार्वजनिक उद्यान के पास कार में पुराने नोट चलाने पर 25 फीसदी कमीशन का लालच देकर लोगों को तलाश रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटना स्थल पहुंच कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें पांच सौ रुपए के 35 लाख रुपए के नोट रखे मिले। पूछताछ करने पर पता चला कि इलेक्ट्रानिक सिटी के किसी जयंत ने उन्हें ये नोट दिए थे। पुलिस मामला दर्ज कर अब जयंत को तलाश कर रही है।

Santosh kumar Pandey Desk
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