रामकृष्ण आश्रम के स्वामी सुरेशानंद का निधन

रामकृष्ण आश्रम मैसूरु के प्रमुख स्वामी सुरेशानंद (90) का शुक्रवार देर रात निधन हो गया है। आश्रम के सूत्रों के मुताबिक स्वामी ने वर्ष 1960 में दीक्षा ली थी।

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Mar 2019, 01:01 AM IST

मैसूरु. रामकृष्ण आश्रम मैसूरु के प्रमुख स्वामी सुरेशानंद (90) का शुक्रवार देर रात निधन हो गया है। आश्रम के सूत्रों के मुताबिक स्वामी ने वर्ष 1960 में दीक्षा ली थी। वर्ष 1989 से 1997 तक वे रामकृष्ण आश्रम के अध्यक्ष थे। इसके अलावा उन्होंने रामकृष्ण आश्रम की चंडीगढ़, बेंगलूरु, तमिलनाडु के नाट्रमपल्ली शाखाओं के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाला। जिला प्रभारी तथा उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवेगौड़ा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी सुरेशानंद ने शिक्षा क्षेत्र को जो योगदान दिया है वह बेमिसाल है।

बेंगलूरु कैंटोनमेंट-वाइटफील्ड के बीच बिछेंगी दो नई रेल लाइन
बेंगलूरु. केंद्रीय रसायन, उर्वरक, सांख्यिकी और कार्यान्वयन मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने शनिवार को केएसआर बेंगलूरु रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में बेंगलूरु छावनी-व्हाइटफील्ड के बीच फोर-लेन के लिए आधारशिला रखी। साथ ही केएसआर बेंगलूरु रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 6 पर एस्केलेटर की आधारशिला व बेंगलूरु कैंटोनमेंट-वाइटफील्ड के बीच स्वचालित सिग्नलिंग और बेंगलूरु कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा का उद्घाटन किया।


इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सदानंद गौड़ा ने कहा कि रेलवे ने सभी कार्यों को तय समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने अपने रेल मंत्रित्व काल को याद करते हुए कहा कि 2014 में केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में नई परियोजनाओं की घोषणा करने के बजाय तेजी से ट्रैक तैयार करने व लंबे समय से लंबित रेलवे परियोजना को पूरा करने पर जोर दिया था।


उन्होंने बताया कि सुरक्षा, संरक्षा और सेवा रेलवे का आदर्श वाक्य है, जिसके साथ रेलवे के सभी कार्य किए गए हैं। ज्यादातर लेवल क्रॉसिंग को अंडरपास और रोड अंडरब्रिज से बदल दिया गया है। पटरियों के रखरखाव के लिए नवीनतम तकनीक को अपनाया जा रहा है, जिसके कारण ट्रैक फेल होने की समस्याओं से निजात मिली है। सांसद पीसी मोहन ने कहा कि केएसआर बेंगलूरु कर्नाटक का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। प्रतिदिन 2 लाख 20000 लोग इस स्टेशन का उपयोग करते हैं और 150 रेलगाडिय़ां यहां से गुजरती हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लाभ के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे एस्केलेटर इत्यादि प्रदान कर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा जा रहा है।


उन्होंने बताया कि बेंगलूरु छावनी-वाइटफील्ड के बीच फोर लेन (यानी 4 रेलवे ट्रैक बनाने) पर ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली से लोगों को विशेष रूप से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु-वाइटफील्ड के बीच चार रेल लाइन करने की परियोजना को 1997-98 में मंजूरी दी गई थी, लेकिन भूमि की लागत/उपलब्धता और गैर व्यवहार्यता के कारण दिसंबर 2013 में इसे बीच में रोक दिया गया था। उपनगरीय यातायात की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष रूप से लाइन क्षमता बढ़ाने को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने 2017 में परियोजना को पुन: शुरू करने का निर्णय किया।कार्यक्रम में ओकलीपुरम पार्षद वी. शिवप्रकाश भी उपस्थित थे।

शंकर शर्मा
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