स्वामी विवेकानंद की ओजस्वी वाणी अजर और अमर : मुणोत

स्वामी विवेकानंद की ओजस्वी वाणी अजर और अमर : मुणोत

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 16 2018 05:44:57 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 05:44:58 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

आज भी हम स्वामी विवेकानंद की इस अजर और अमर वाणी को याद करते हैं

बेंगलूरु. 125 वर्ष पहले अमरीका के शिकागो शहर में स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म सम्मेलन में सनातन धर्म की पताका लहराई थी। विवेकानंद की वाणी से सनातन हिंदू धर्म को विश्व में एक पहचान मिली थी। यह बात समाजसेवी उद्यमी महेंद्र मुणोत ने विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 125 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विजयनगर युवा ब्रिगेड तथा सहोदरी निवेदिता प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आज भी हम स्वामी विवेकानंद की इस अजर और अमर वाणी को याद करते हैं। उन्होंने पूरे विश्व को हमारे देश की आध्यात्मिकता, तार्किकता, सांस्कृतिक परंपरा, ज्ञान-विज्ञान तथा धर्म संहिता से प्रभावित किया था। आज हमें स्वामी विवेकानंद के इस पथ पर चलकर आनेवाली पीढिय़ों में भी ऐसे धार्मिक तथा अध्यात्मिक त्संस्कारों का सिंचन करना है। इससे पहले माता विवेकबाई विजयनगर के बसवेश्वर कॉलेज से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

 

 

आत्म आराधना का पर्व है संवत्सरी
बेंगलूरु. तेरापंथ सभा गांधीनगर के तत्वावधान में संवत्सरी महापर्व के अवसर पर साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि यह महापर्व आत्म आराधना एवं आत्म शुद्धि का विशेष संदेश लेकर आता है। भगवान महावीर की छदमस्थ अवस्था में भीषण उपसर्गों में विलक्षण समत्व साधना हम सबके लिए पावन प्रेरणा है। साध्वी मंजू रेखा ने कल्पसूत्र के आधार पर भगवान महावीर के पूर्वजन्मों का वर्णन किया। साध्वी उदितप्रभा ने 101 धरवाद एवं भद्रबाहु स्वामी आदि गुणप्रदान आचार्य परंपरा का वर्णन सुनाया। साध्वी निर्भयप्रभा व चेलनाश्री ने निध्वों का वर्णन तथा तेरापंथ धर्म संघ के याश्स्वी आचार्य परंपरा के हृदयस्पर्शी घटना प्रसंगों से परिषद को लाभांवित किया। तेरापंथ सभा, महिला मंडल, तेयुप ने एक साथ मंगलाचरण प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष मूलचंद नाहर, संगठन मंत्री ललित आच्छा, पर्युषण पर्व संयोजक दिनेश पोकरणा, अभातेयुप अध्यक्ष विमल कटारिया ने विचार व्यक्त किए। संचालन मंत्री प्रकाशचंद लोढ़ा ने किया।


हम हमेशा सीधा संघर्ष करते हंै : कोरे
बेलगावी. हमें पिछले दरवाजे की राजनीति मंजूर नहीं है। हमने हमेशा सीधा संघर्ष करने में विश्वास रखते है। लिहाजा कांग्रेस-जद (एस) की गठबंधन सरकार को अस्थिर करने में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। राज्यसभा सदस्य प्रभाकर कोरे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बेलगावी की जनता ने हमेशा बगैर किसी हिचकिचाहट के राजनीतिक संघर्ष किया है। इससे पहले भी कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाने में या मुख्यमंत्री को सत्ता से बेदखल करने में बेलगावी जिले के राजनेताओं की भूमिका ही अहम रही है।

लगता है इस बार भी इतिहास खुद को दोहरा रहा है। उधर, हुब्बली में भाजपा के सांसद प्रहलाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस -जनता दल (एस) की अवसरवादी गठबंधनसरकार को गिराने के लिए किसी विपक्ष की आवश्यकता नहीं है। इस सरकार में शामिल लोग ही इस सरकार को गिराने में सक्षम है। मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी को भाजपा पर उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले उनके सरकार में शामिल रीयल एस्टेट माफियाओं के सरपरस्त नेताओं पर कार्रवाई करने का साहस दिखाना चाहिए।

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