रक्त के ८८ नमूनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि

मैसूरु से जांच के लिए भेजे गए ५८० रक्त के नमूनों में से ८८ में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिर से अधिकारियों व चिकित्सकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 30 Dec 2018, 07:40 PM IST

मैसूरु. मैसूरु से जांच के लिए भेजे गए ५८० रक्त के नमूनों में से ८८ में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिर से अधिकारियों व चिकित्सकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसवराजू ने बताया कि हर तरह के एहतियाती कदम कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से मरीजों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नवम्बर में दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। दोनों को हृदय और गुर्दे की समस्या भी थी।
निपह वायरस पर एक सवाल के जवाब में डॉ. बसवराजू ने कहा कि जिले में खतरा नहीं है। कुछ माह पहले निपह प्रभावित केरल से यह वायरस अन्य किसी राज्य में नहीं फैला है। उन्होंने सलाह दी कि सार्वजनिक स्थलों पर लोग सतर्क रहें।


मातृत्व मृत्यु दर में कमी
निगरानी व जागरूकता से मिली सफलता
बेंगलूरु. प्रदेश में मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) में कमी आई है। नागरिक पंजीकरण प्र्रणाली रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०१७ में प्रसव के दौरान ७६३ प्रसूताओं की मौत हुई। जबकि वर्ष २०१६ में ११०० प्रसूताओं की मौत हो गई थी।
मातृत्व स्वास्थ्य व परिवार नियोजन कार्यक्रम के उप निदेशक डॉ. एन. राजकुमार ने बताया कि अतिरिक्त कर्मचारी, एहतियाती कदम, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, निगरानी और जागरूकता के कारण एमएमआर कम करने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सामुदायिक स्तर पर २० मां और बाल स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया है। जबकि ४१ सामुदायिक केंद्रों में शल्य चिकित्सा की सुविधा है।

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