सबसे हिल मिल कर जीवन यात्रा तय करें- कपिल मुनि

धर्मसभा

By: Yogesh Sharma

Updated: 30 Jul 2021, 10:27 AM IST

बेंगलूरु. श्रीरामपुरम स्थित जैन स्थानक में विराजित कपिल मुनि ने गुरुवार को प्रवचन में कहा कि तन, धन, परिजन महज एक संयोग है। हमें इस संसार में सबसे हिल मिल कर जीवन यात्रा को तय करना चाहिए। जीवन में समय, शक्ति, संपत्ति और सामथ््र्य की प्राप्ति पुण्य की प्रबलता से ही नसीब होती है और पुण्य अर्जन की शिक्षा संस्कार भगवान की वाणी से हमें मिले है। अत: तेरा तुझको अर्पण की उक्ति को जीवन में आत्मसात करते हुए जन जन के दिलों में राज करना ही सफल जीवन है। इस संसार में ऐसी एक भी चीज नहीं है जिस पर घमण्ड किया जाए। विनय का मतलब सिर्फ नमना और झुकना ही नहीं बल्कि हृदय में उठने वाली कोमल वृत्तियों का नाम विनय है। झुकना तो स्वार्थ सिध्द करने के लिए भी हो सकता है। विनय शब्द में जीवन के संपूर्ण शिष्टाचार का समावेश होता है। विनय एक ऐसा सद्गुण रूपी आभूषण है जिसको धारण करने से व्यक्तित्व में चमक और आकर्षण का जन्म होता है। विनय गुण से विभूषित व्यक्ति जन जन के आदर सम्मान पात्र बन जाता है। एक आदरणीय और प्रशंसनीय जीवन जीने के कारण मन में शांति और समता का वास होता है। उसकी हर वृत्ति , प्रवृत्ति में सरलता और सहजता का दर्शन होता है। जिसका परिणाम भी अति सुंदर होता है।

Yogesh Sharma Reporting
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