तहसीलदार पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप

तहसीलदार पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Mar, 30 2018 05:13:04 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

चिकबल्लापुर की जिलाधिकारी दीप्ति कानाडे ने दिए जांच के आदेश

बेंगलूरु. चिकबल्लापुर जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन बेचने के मामले मेंं चिंतामणि के तहसीलदार के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। चिकबल्लापुर की जिलाधिकारी दीप्ति कानाडे ने गुरुवार को कहा कि चिंतामणि के तहसीलदार विजयण्णा द्वारा नायकनहल्ली, मायकोंडाहल्ली और अन्य गांवों में 10 एकड़ सरकारी जमीन बेचने की बात सामने आई है।

उन्होंने खुद चिंतामणि जाकर इस जगह का मुआयना किया। सरकारी जमीन पर कई लोगों ने पक्के निर्माण कर गैरेज, होटल और नर्सरी खोल रखे हैं। जांच करने पर उनके पास मिले सभी दस्तावेज फर्जी मिले। इन दस्तावेजों पर विजयण्णा के हस्ताक्षर हैं। इसलिए इस मामले की जांच के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद विजयण्णा और अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आरटीआइ कार्यकता राघवेंद्र स्वामी ने इस मामले की जांच कर सभी विवरण संग्रहित किए हैं। उनकी सूचना पर जांच कराई जा रही है। इस मामले में सहायक आयुक्त मंजुनाथ, तहसीलदार विजयण्णा, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, पंचायत विकास अधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिप्त होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मंजुनाथ और विजयण्णा के बैंक खाते सीज किए गए है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उनकी संपत्ति की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

विजयण्णा इससे पहले कोलार में भी तहसीलदार रह चुका है। उसके खिलाफ वहां भी सरकारी जमीन बेचने और जाली दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। इस मामले की भी जांच होगी।

आचार संहिता के भेंट चढ़ी इंदिरा सारिगे बस सेवा

बेंगलूरु. वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवा 'इंदिरा सारिगेÓशुरू करने की योजना आचार संहिता की भेंट चढ़ गई। पहले ही लेट हो चुकी इस योजना के शुरू होने में अब और देर होगी। बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) के प्रबंध निदेशक वी.पुन्नूराज ने बताया कि इंदिरा सारिगे शुरू करने के लिए प्रक्रियाएं पूरी की जा रही थीं। यदि आचार संहित नहीं लगती तो कुछ दिनों में इसे शुरू कर दिया जाता, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है।

वस्त्र उद्योग और परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों की कई बैठकों के बाद कोई निर्णय पर नहीं होने से इसमें विलंब हुआ। पुन्नूराज ने कहा कि कुछ कंपनियों के साथ समझौता नहीं होने के बाद भी परिवहन मंत्रालय शेष कंपनियों और विभागों के साथ यह सेवा शुरू करने को तैयार था, लेकिन आचार संहिता लगने के बाद इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाएं स्थगित कर दी गई। अब नई सरकार के गठन के बाद ही नए दिशा-निर्देशों के तहत इसे शुरू किया जाएगा।

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