लॉकडाउन में मंदिरों के कपाट खोले जाएं: आचार्य नररत्न

  • मैसूरु में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 14 May 2021, 10:52 PM IST

मैसूरु. सुमतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ, मैसूरु के तत्वावधान में महावीर भवन में आचार्य नररत्न सूरीश्वर ने कहा कि भारत में कोरोना की विषम परिस्थिति में आर्थिक नुकसान के बावजूद लॉकडाउन का कठोर कदम उठाया गया। देशभर की दुकानें व फैक्ट्रियां पूर्णत: बंद हंैं। जीवन को बर्बाद करने वाली शराब की दुकानें भी खोलने की छूट दी गई है।

उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मंदिरों में पूजा भक्ति के लिए भक्तों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। हजारों लाखों करोड़ों वर्ष के भारतीय इतिहास में कभी भी मंदिरों के दरवाजे इस तरह बंद नहीं हुए हैं। भारतीयों की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ किसी ने नहीं किया।

जैसे भोजन बनाने के लिए रसोई घर जरूरी है, अध्ययन करने के लिए किताब जरूरी है, वैसे ही मंदिर में प्रतिमा भक्तों की भावनाओं को प्रकट करने के लिए अत्यंत जरूरी है। मंदिरों के कपाट बंद रखने पर मरीजों की संख्या बढ़ती रहेगी। ईश्वर तत्व की सक्रिय ऊर्जा प्राप्त करने पूजा दर्शन आवश्यक है।

इसलिए मंदिरों में योग्य मर्यादा के साथ भी दर्शन पूजा का क्रम बना रहे, वह जरूरी है। समग्र राष्ट्र धर्म प्रेमी जनता इस बात की आवाज उठाएं एवं सरकार भी सकारात्मक निर्णय ले। संत समाज की यह भावना है।

Santosh kumar Pandey Desk
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