विधानमंडल में बजट पास कराना बड़ी चुनौती

विधानमंडल में बजट पास कराना बड़ी चुनौती

Rajendra Shekhar Vyas | Publish: Feb, 04 2019 05:58:52 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

बजट सत्र : गठबंधन सरकार की असली अग्निपरीक्षा

असंतुष्ट विधायकों के कारण बना है संशय
बेंगलूरु. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने भले ही बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाने की बात कही है लेकिन सरकार के लिए खतरा कम नहीं हुआ है। कांग्रेस के चार असंतुष्ट विधायकों के सामने नहीं आने से बजट सत्र सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
दरअसल, बजट सत्र में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव तो नहीं लाएगी लेकिन अगर विधायकों की संख्या को लेकर संशय की स्थिति बनी तो वित्त विधेयक पारित कराते समय मत विभाजन की मांग कर सकती है। अगर गठबंधन सरकार विधयक पारित कराने में नाकाम होती है तो यह उसके लिए बेहद शर्मनाक स्थिति होगी क्योंकि सरकार को इस्तीफा देना पड़ेगा। हालांकि, इसकी नौबत नहीं आनी चाहिए फिर भी कांग्रेस बेहद सतर्क है।
ईगलटन रिसॉर्ट में मारपीट के बाद दो अन्य विधायकों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जहां कंपल्ली के विधायक जेएन गणेश फरार हैं वहीं विजयनगर के विधायक आनंद सिंह अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अगर ये छह विधायक बजट सत्र में अनुपस्थित होते हैं तो सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 112 विधायक होंगे जबकि विपक्षी दल भाजपा के पास 104 विधायकों के अलावा दो अन्य निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन होगा।
ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को अपनी रणनीति काफी सोच-समझकर तैयार करनी होगी और एक-एक विधायक की उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा। सूत्रों के मुताबिक 6 फरवरी को विधायक दल की बैठक से पहले दोनों दलों के सभी विधायकों को फिर एक बार ईगल्टन रिसॉर्ट ले जाया जा सकता है ताकि सभी को विश्वास में लाया जा सके।
दूसरी ओर भाजपा की नजर और उम्मीदें असंतुष्ट विधायकों पर टिकी हुई हैं। पार्टी के विधायक बजट सत्र से पहले फिर एक बार सरकार गिरने की स्थिति में नई सरकार के गठन की बात करने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ विधायक आर.अशोक ने कहा कि वे सरकार को अस्थिर करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। लेकिन, कांग्रेस और जद-एस के ही 20 से 25 ऐसे विधायक हैं जो नाराज चल रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि लगभग आधा दर्जन विधायक विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेकर बजट सत्र से अनुपस्थित होना चाहते हैं। हालांकि, कांग्रेस नेता और विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार काफी अनुभवी हैं और पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। पार्टी का हर सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की बात मानेगा। बजट सत्र में सब कुछ ठीक रहेगा।
इसलिए बना हुआ है अनिश्चितता का माहौल
राज्य की 224 सदस्यों वाली विधानसभा में सत्तारुढ़ गठबंधन के पास 118 विधायक हैं लेकिन कांग्रेस के 4 विधायक संपर्क से बाहर हंै। गोकाक के विधायक और पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली, अथनी के विधायक महेश कुमटहल्ली, चिंचोली के विधायक उमेश जाधव और बल्लारी के विधायक बी.नागेंद्र अभी तक पार्टी से संपर्क नहीं किए हैं। हालांकि, उमेश जाधव ने आगामी 6 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने की बात कही है लेकिन कांग्रेस इन चारों के अलावा भी कुछ विधायकों को लेकर सशंकित हैं।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned