कई गांवों का गंदा पानी कर रहा कावेरी नदी को प्रदूषित

  • विधानसभा प्रश्नकाल

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 05 Feb 2021, 02:24 PM IST

बेंगलूरु. कावेरी नदी के तट पर स्थित श्रीरंगपट्टण, कोल्लेगाल, बन्नूर तथा टी नरसीपुरा समेत कई गांवों का सीवरेज मिलने के कारण कोवरी का पानी प्रदूषित हो गया है। पर्यटन विकास मंत्री सीपी योगेश्वर ने यह बात कही।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अप्पचू रंजन तथा मंजुनाथ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने के लिए 238 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

कावेरी जलबहाव क्षेत्र के 22 विभिन्न स्थानों पर नदी के पानी का प्रति 15 दिन में परीक्षण किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर पानी की गुणवत्ता को बी तथा सी श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। सी श्रेणी के पानी का प्रसंस्करण के बाद पेयजल के रूप में उपयोग किया जा सकता है। जबकि बी श्रेणी का पानी का उपयोग केवल नहाने के लिए किया जा सकता है।
1630.50 लाख रुपए का आवंटन
श्रीरंगपट्टण में भूमिगत सीवर लाइन बिछाने की योजना के दूसरे चरण के लिए 1630.50 लाख रुपए का आवंटन किया गया है। कोल्लेगाल के लिए 9711 लाख तथा बन्नूर के लिए 5800 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। कावेरी नदी के तट पर स्थित गांवों का सीवरेज नदी में नहीं मिले इसलिए यह प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य संबंधित समस्या

इससे पहले विधायक अप्पचू रंजन ने कहा कि कावेरी नदी के तट पर बसे गांवों के निवासियों में प्रदूषित पानी के सेवन से स्वास्थ्य से संबंधित कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। शुध्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है। पानी में प्रदूषण को लेकर कई बार शिकायतें करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र होने के कारण यहां देश विदेश के पर्यटक आते हैं। ऐसे क्षेत्रों में शुध्द पेयजल की आपूर्ति होनी चाहिए।

Santosh kumar Pandey Desk
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