ईसा मसीह की प्रतिमा का मसला भगवान पर छोड़ा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईसा मसीह की प्रतिमा के मसले पर भाजपा सरकार जो चाहे कर सकती है पर उन्होंने इस मसले को भक्त व भगवान पर छोड़ दिया है।

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 03 Jan 2020, 03:52 PM IST

बेंगलूरु. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईसा मसीह की प्रतिमा के मसले पर भाजपा सरकार जो चाहे कर सकती है पर उन्होंने इस मसले को भक्त व भगवान पर छोड़ दिया है।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जब लोगों ने दो साल पहले प्रतिमा की स्थापना करने की पहल की तब उन्होंने उन लोगों को रोका व विधि-सम्मत तरीके से काम करने का मार्गदर्शन दिया।

इसके बाद जो भी हो सकी, उनकी मदद की। राज्य में क्या हो रहा है, उसे केवल राज्य के लोग ही नहीं देख रहे हैं, बल्कि देश व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों ध्यान आकृष्ट हो रहा है। हम ही कहते हैं कि सारे विश्व में बसव तत्व का प्रचार-प्रसार होना चाहिए पर यदि इसका हम ही पालन नहीं करेंगे तो कैसे होगा। सत्ता में रहते हुए उत्तम काम करने के बजाय राजस्व मंत्री आर. अशोक, अश्वथनारायण, केएस ईश्वरप्पा, रेणुकाचार्य मनमर्जी के ऊटपटांग बयानबाजी कर रहे हैं।

वे जो चाहे बोलें, बोलने वालों को मना तो नहीं कर सकते। आज उनके पास सत्ता है, जिसका वे अच्छे व बुरे काम में इस्तेमाल कर सकते हैं और इस बारे में हम अपना दिमाग खराब नहीं करेंगे। शिवकुमार ने कहा कि प्रतिमा की स्थापना करने के स्थल का अनेक सालों का इतिहास रहा है। वहां पर ईसा की प्रतिमा, शिला प्रतिमा सभी पहले से है और वहां पर लोग पूजा करने आते हैं।

राजस्व मंत्री अशोक इस बारे में जांच करवाने की बात कह रहे हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। वहां के तहसीलदार का तबादला कर दिया गया है। वे यहां पर लाकर किसी भी बैठा दें तो इस बारे में चिंता करने का उनके पास समय नहीं है। मैं हूं और मेरे लोग हैं और मैं उनकी ही फिक्र करूंगा।
शिवकुमार ने कहा कि वे भाजपा व आरएसएस की बात नहीं करते। राज्य में एक सरकार सत्ता में है। राज्य में कितने मठ, मस्जिदें, चर्च, गुरुद्वारे, मंदिर, आश्रम हैं।

किन पहाड़ों पर किन को कितनी जमीन दी गई है सूची मंगवा लें और इसके बाद गलतियां करने वालों को सजा दें। यदि हमने गलती की है तो सजा दें और दूसरे ने गलती की हो तो उसे भी सजा दें। उनके विशेषाधिकार को भला कौन छीन सकता है।

मुझे कोई उपहार नहीं चाहिए

प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पूछे सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि मुझे कोई उपहार नहीं चाहिए और मुझे कोई जल्दी भी नहीं है। इस बारे में बातचीत नहीं करें। मैं आलाकमान के पास कुछ भी मांगने नहीं जाता हूं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहा हूं।

सुबह से शाम तक आने वाले नोटिसों का जवाब देकर तंग आ गया हूं। झारखंड जाकर राहुल गांधी से मिलने के बारे में कहा कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रण पत्र मिला था। कार्यक्रम में जाकर शुभकामनाएं देकर लौट आया हूं।

Santosh kumar Pandey Desk
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