काम के घंटे बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं है राज्य सरकार

यह ना तो उद्योगों के पक्ष में है ना श्रमिकों के: श्रम मंत्री

By: Rajeev Mishra

Updated: 10 May 2020, 10:38 AM IST

बेंगलूरु.
भले ही देश के कुछ राज्यों ने औद्योगिक क्षेत्र में काम के घंटे बढ़ानेे का निर्णय किया है लेकिन राज्य सरकार का रुख इसके विपरीत है। राज्य सरकार इसपर अगले सप्ताह तक निर्णय करेगी।
श्रम मंत्री ए.शिवराम हेब्बार ने कहा कि काम के घंटे बढ़ाने का फैसला ना तो उद्योगों के पक्ष में है और ना ही श्रमिकों के हक में। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार यहां काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने के पक्ष में नहीं है। इस प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुर्ई है और अगले सप्ताह यह आखिरी बार विचार विमर्श के लिए आएगा। कुछ राज्यों ने पहले ही उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र में काम के घंटे बढ़ा दिए हैं। लेकिन, काम के घंटे बढ़ाए जाने की बजाय रोजगार पर अधिक जोर देने की आवश्कता है। रोजगार ही नहीं रहेगा तो काम के घंटे बढ़ाकर क्या करेंगे। इसे बढ़ाकर 12 घंटे किया जाता है तो यह ना तो उद्योगों के पक्ष में होगा ना ही श्रमिकों के पक्ष में।
श्रमिक हितों को नहीं करेंगे नजरअंदाज
उन्होंने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि सरकार 12 घंटे काम के प्रस्ताव पर सहमत होगी।Ó सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमइ) को फिर से पटरी पर लाने की है। एमएसएमइ में परिचालन सामान्य हो जाए, कर्मचारियों को वेतन मिलने लगे और किसी का रोजगार नहीं जाए। अगर उद्योग-धंधे शुरू नहीं होंगे तो कामगारों को रोजगार कहां से मिलेगा। इसलिए सरकार को समानांतर सोचना होगा। उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों के हितों पर भी सरकार का ध्यान है।
केंद्र से पैकेज का आग्रह
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि एमएसएमइ सेक्टर के लिए राहत पैकेज की घोषणा करे। कोविड-19 लॉकडाउन के कारण इनपर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ा है। बड़े पैमाने पर रोजगार देने के साथ ही इस क्षेत्र पर बड़े उद्योगों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार के हाथ में जितना है उतना एमएसएमइ की मदद के लिए कर रही है। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने एमएसएमइ के लिए दो महीने के फिक्स बिजली शुल्क माफ करने की घोषणा की थी। लॉकडाउन के कारण एमएसएमइ को भारी उत्पादन नुकसान का उठाना पड़ा है। उन्हें फिर से सामान्य स्थिति में आने में समय लगेगा।

Rajeev Mishra Reporting
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