संवत्सरी आत्मशुुद्धि का महापर्व : साध्वी अणिमाश्री

गांधीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 24 Aug 2020, 06:24 PM IST

बेंगलूरु. गांधीनगर तेरापंथ भवन में साध्वी अणिमाश्री के सानिध्य में संवत्सरी महापर्व की आराधना और क्षमायाचना का कार्यक्रम हुआ।

साध्वी अणिमाश्री ने कहा कि संवत्सरी आत्मशुुद्धि का महापर्व है। पूरे वर्ष में चाहे-अनचाहे में लगी राग द्वेष की ग्रन्थियों को खोलने का यही एकमात्र पावन दिन है। सामूहिक जीवन में यदा-कदा ऐसे प्रसंग उपस्थित हो जाते हैं, जब टूटने व बिखराव का वातावरण बन जाता है। अतीत के उस पाप-मैल को धोने का महापर्व संवत्सरी है।

साध्वी मैत्रीप्रभा ने कहा कि मनुष्य गलती का पुतला है, उसके अंदर राग द्वेष की उत्ताल तरंगे तरंगित होती रहती हैं। उन तरंगों को रोकने का साधन है खमत-खामणा।

सभाध्यक्ष सुरेश दक ने स्वागत करते हुए सभी से खमत खामणा किया। तेयुप अध्यक्ष विनोद मूथा ने विचार रखे। बेंगलुरु महिला मंडल ने मंगल गीत प्रस्तुत किया। सभा के मंत्री नवनीत मूथा ने कहा क्षमा वरदान है, जीवन का अनुसंधान है। गायक संदीप बरडिय़ा ने मंगल संगान किया। ललित आच्छा ने श्रावक-श्राविकाओं को परस्पर खमत-खामणा करवाया।

क्षमा शांति की एक दिव्य औषधि: साध्वी
बेंगलूरु. विजयनगर तेरापंथ सभा भवन में साध्वी डॉ. मंगलप्रज्ञा के सानिध्य मे क्षमापर्व का आयोजन हुआ। साध्वी ने कहा कि क्षमा शांति की एक दिव्य औषधि है।

इस अवसर पर सभा उपाध्यक्ष राकेश दूधोडिया ने क्षमा याचना की। संपूर्ण परिषद ने खमत खामणा की। साध्वी ने क्षमा गीत का संगान किया। सभा अध्यक्ष राजेश चावत, अभातेयुप के निवर्तमान अध्यक्ष विमल कटारिया, तेयुप अध्यक्ष पवन मांडोत, अभातेयुप कोषाध्यक्ष दिनेश पोखरना, महिला मंडल अध्यक्षा कुसुम डांगी, बंसीलाल पितलिया, महेन्द्र टेबा ने विचार व्यक्त किए एवं क्षमा याचना की। तपस्वियों का सभा की ओर से सम्मान किया गया। संचालन तेयुप के मंत्री देवांग बैद ने किया।

Santosh kumar Pandey Desk
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