सीमन्धर स्वामी की स्तुति से मिलता है मोक्ष मार्ग-साध्वी सुप्रिया

धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 01 Aug 2021, 07:23 AM IST

बेेंगलूरु. राजाजीनगर स्थित वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर के तत्वावधान में साध्वी सुमित्रा के सान्निध्य में साध्वी सुदिप्ती ने सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन करवाया। साध्वी सुप्रिया ने अरिहंत प्रभु जाप व ध्यान साधना की महत्ता बताते हुए कहा कि सीमंधर स्वामी का जाप और प्रार्थना करने से उपासकों को मोक्ष के लिए मार्गदर्शन मिलता है, क्योंकि वह वर्तमान तीर्थंकर भगवान हैं। इसीलिए सीमन्धर स्वामी की ज्यादा से ज्यादा आराधना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाविदेह क्षेत्र में 20 विहरमान तीर्थंकर एक समय में एक साथ विराजते हैं। महाविदेह क्षेत्र के वर्तमान के प्रथम तीर्थंकर सीमंधर स्वामी हैं। भरत क्षेत्र महाविदेह क्षेत्र से नजदीक होने के कारण सीमन्धर स्वामी का स्मरण अधिक किया जाता है। जब तीर्थंकर भगवान केवलज्ञान को प्राप्त होते है तब महाविदेह क्षेत्र में 20 विहरमान एक साथ दीक्षा ग्रहण करते हैं। साध्वी सुप्रिया ने कहा कि मंत्र साधना से जीवन में निखार आता है। मंत्रों के प्रयोग और विधि से किए गए अनुष्ठान से जीवन में अद्भुत ऊर्जा व शक्ति का संचार होता है वह बड़े से बड़े अनिष्ट का निवारण भी हो सकता है। मंत्र साधना में नियमितता व सजगता अनिवार्य है। प्रारंभ में साध्वी सुविधि ने सीमन्धर स्वामी के गुणगान की स्तवन प्रस्तुति दी। जाप अनुष्ठान में अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। इनमें राजेंद्रप्रसाद कोठारी, सज्जनराज बाफऩा, जंवरीलाल गादिया, महावीरचंद डागा, प्रकाश बिलवाडिय़ा व अन्य प्रमुख रहे। इस मौक्र पर लीला बोहरा ने 11 उपवास एवं कविता बोहरा ने 9 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। 1 अगस्त से अनुपूर्वी का अखंड जाप आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 से 4 बजे तक रहेगा। संचालन संघ के मंत्री प्रकाश चाणोदिया ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned