आत्मा अमूर्त है- आचार्य महाश्रमण

धर्मसभा

बेंगलूरु. आचार्य महाश्रमण ने धर्मसभा में राजा प्रदेशी और कुमारश्रमण, केशी के मध्य हुई चर्चा का विश्लेषण करते हुए आत्मा और शरीर के अस्तित्व के विषय पर कहा कि राजा मुनि से आत्मा का अस्तित्व बताने के लिए कहा तो मुनि ने कहा कि आत्मा अमूर्त है। यह हवा, आकाश और प्रकाश के समान है जिस प्रकार हवा से पत्ता हिलता है पर हवा दिखाई नहीं देती है। जैसे दिये का प्रकाश हर तरफ जाता है वह जहां तक दिखाई दे। अगर उस पर ढक्कन लगा दिया तो प्रकाश संकुचित हो जाएगा। जैसा स्थान उतना वहां प्रकाश वैसे ही जितना बड़ा शरीर उतनी बड़ी आत्मा फैल जाती है।
साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा ने कहा कि जिनके हिंसा रोम-रोम में रहती है वह जीवन में कभी उपरित नही होता है। साध्वी सम्बुद्धयशा ने कहा कि सम्यकत्व प्राप्ति के लिए क्या पुरुषार्थ करें और क्या लाभ होता है। सम्यकत्व प्राप्ति के बाद मोक्ष प्राप्ति हो जाती है।
कार्यक्रम में साध्वी रिद्धिप्रज्ञा द्वारा शोध "समाज दर्शन "ग्रंथ का लोकार्पण जैन विश्व भारती अध्यक्ष रमेश बोहरा आदि द्वारा किया गया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के द्वितीय दिवस "वसुधैव कुटुम्बकम" थीम पर देश भर से समागत परिषद अपने क्षेत्र के परिधानों में सजधज कर रैली के साथ प्रवचन में पहुंचे।
चातुर्मास व्यवस्था समिति की ओर से कृतज्ञता के स्वरों में स्वागताध्यक्ष नरपतसिंह चोरडिय़ा, अमित नाहटा, मदन बरमेचा, ललित आच्छा, सुशील चोरडिय़ा, मांगीलाल पारख, हैदराबाद चातुर्मास व्यवस्था समिति अध्यक्ष प्रकाश बरडयि़ा ने विचार व्यक्त किए।

Yogesh Sharma
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