आदर्श स्कूल क्रीड़ोत्सव में दिखी प्रतिभा

आदर्श गु्रप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा संचालित मनवरथपेट स्थित आदर्श स्कूल का वार्षिक क्रीड़ोत्सव शनिवार को मक्कलकूटा ग्राउंड में किया गया।

By: शंकर शर्मा

Published: 30 Dec 2018, 11:02 PM IST

बेंगलूरु. आदर्श गु्रप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा संचालित मनवरथपेट स्थित आदर्श स्कूल का वार्षिक क्रीड़ोत्सव शनिवार को मक्कलकूटा ग्राउंड में किया गया। समारोह के अतिथियों में संस्थान के अध्यक्ष केके भंसाली, उपाध्यक्ष पदमराज मेहता, संयुक्त सचिव दीपंचद नाहर सहित हस्तीमल सिसोदिया, अरविंद डोसी उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रकाश पिरगल एवं सोहन सुराणा उपस्थित थे।

सभी अतिथियों ने झंडोत्तोलर कर दीप प्रज्ज्वल किया। इस अवसर पर विïद्यार्थियों ने मार्च पास्ट किया। विविध प्रकार के खेलों में विïद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की। इसके पूर्व स्वागत प्रिंसिपल अम्बिका एल ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। धन्यवाद वाइस प्रिंसिपल त्रिवेणी ने दिया।

जन्मदिन पर याद किए गए कुवेम्पू
बेंगलूरु. राज्य के विभिन्न स्थानों पर शनिवार को ज्ञानपीठ पुरस्कृत साहित्यकार के.वी. पुट्टप्पा (कुवेम्पू) का 114वां जन्मदिवस मनाया गया। इस अवसर पर उनकी साहित्यिक रचनाओं को लेकर विचार संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1904 में शिवमोग्गा जिले के कुप्पली गांव में एक संपन्न परिवार में जन्म लेने वाले पुट्प्पा को रामायण दर्शन रचना के लिए वर्ष 1968 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्राप्त करनेवाले वह पहले कन्नड़ साहित्यकार थे।


उनकी रचना ‘जय भारत जननीय तनुजाते जय हे कर्नाटक माते’ गीत को कर्नाटक के नाडगीते (राज्य का गीत) के रूप में मान्यता मिली है। सभी सरकारी समारोह की शुरुआत इसी गीत से की जाती है। उनकी दूसरी रचना ‘हुलूवा योगी नोडअल्ली’ इस गीत को राज्य सरकार ने किसान गीत के रूप में मान्यता दी है।


महोत्सव : जिनवाणी जग मैया मरण दु:ख मेट दे...
श्रवणबेलगोला. आचार्य पुष्पदंत सागर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय जन्म महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को चामुण्डराय मंडप में श्रुत स्कन्ध विधान व अतिप्राचीन चौबीसी का पंचामृत मस्तकाभिषेक किया गया।
इस अवसर पर मां जिनवाणी को रजत पालकी में विराजमान कर मंच पर लाया गया। साथ ही भगवान के समवसरण के समक्ष विराजमान कर कई साधु संतों के सान्निध्य में श्रुत स्कन्ध विधान हुआ। प्रज्ञासागर महाराज के निर्देशन एवं स्वस्ति चारुकीर्ति स्वामी के नेतृत्व में यह विधान किया गया।


प्रात: काल भंडार बसदि में विराजित विशाल चौबीसी में 24 तीर्थंकरों की प्रतिमाओं का सप्तरंगी मस्तकाभिषेक 24 इंद्रों द्वारा किया गया। रविवार को आचार्य विमल सागर का समाधि दिवस चामुण्डराय मंडप में दोपहर 1 बजे से मनाया जाएगा, जिसमें आचार्य पुष्पदन्त सागर द्वारा विनयांजलि समर्पित की जाएगी। गुरु पूजन होगा।

शंकर शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned