'धर्म ध्यान योगी' की उपाधि

श्रवणबेलगोला के आंगन में बरसा जन्मोत्सव का अमृत

By: Sanjay Kumar Kareer

Published: 03 Jan 2019, 07:18 PM IST

श्रवणबेलगोला. आचार्य पुष्पदंत सागर का 65वांं जन्मोत्सव स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक के नेतृत्व में मनाया गया। जन्मोत्सव पर 65 छत्र स्वागत द्वार पर लगाकर आचार्य का स्वागत किया गया। आचार्य की पूजा की गई। रजत थाल में पुष्प, दूध, केसर, चंदन, जल आदि से चरणों को पखारा गया।

इस अवसर पर चारुकीर्ति भट्टारक की तस्वीर भट्टारक आचार्य को प्रदान की गई। 50वें स्वर्ण दीक्षा वर्ष के अवसर पर प्रज्ञासागर ने अतिशयकारी चौबीस तीर्थंकर यंत्र प्रदान किए। प्रज्ञासागर की 'पा' किताब का कन्नड़ अनुवाद एवं जनवाणी से जिनवाणी प्रकाशन के अंतर्गत 'पदमपुराण' ग्रंथ का विमोचन किया गया। बच्चों द्वारा मोर नृत्य प्रस्तुत किया गया।

प्रज्ञासागर, अमरकीर्ति, अमोघकीर्ति द्वारा आचार्य को नवीन पिच्छी भेंट की गई। स्वस्तिश्री चारुकीर्ति एवं श्रवणबेलगोला की ओर से आचार्य को दुर्लभ शास्त्रों सहित जिनधर्म को जयवंत करती जिन ध्वजा की प्रतीक 'स्वर्ण ध्वजा' भेंट की गई। इस अवसर श्रवणबेलगोला क्षेत्र समिति से सरिता जैन एवं स्वस्तिश्री चारुकीर्ति द्वारा आचार्य पुष्पदन्त सागर 'धर्म ध्यान योगी' की उपाधि से अलंकृत किया गया।

Sanjay Kumar Kareer Desk
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