सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण कानून की वैधता बरकरार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को एससी और एसटी श्रेणियों से संबंधित कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के मामले पर कर्नाटक के 2018 आरक्षण कानून की वैधता को बरकरार रखा है।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 19 Mar 2020, 03:57 PM IST

बेंगलूरु. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एससी और एसटी श्रेणियों से संबंधित कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के मामले पर कर्नाटक के 2018 आरक्षण कानून की वैधता को बरकरार रखा है।

न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के एक समूह द्वारा 'पोस्ट-आधारित कोटा' लागू करने के लिए दायर किए गए आवेदन और सार्वजनिक रोजगार में प्रवेश स्तर पर क्रीमी लेयर के सिद्धांत को बनाए रखने योग्य नहीं हैं।

पदोन्नति एवं वरिष्ठता क्रम में आरक्षण की व्यवस्था

बता दें कि कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में मामले में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों द्वारा दायर किए गए आवेदनों पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। पिछले साल मई में शीर्ष अदालत ने एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की अनुमति देने वाले कानून को बरकरार रखा था, जिसके परिणामस्वरूप अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं वरिष्ठता क्रम में आरक्षण की व्यवस्था की गई थी।

Santosh kumar Pandey Desk
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