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बैंगलोर

दक्षिणी राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने की असीम संभावनाएं: गहलोत

आर्थिक विकास और भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने वाला पर्यटन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

बैंगलोरJun 17, 2024 / 04:51 pm

Yogesh Sharma

दो दिवसीय दक्षिण भारत उत्सव का समापन

बेंगलूरु. आर्थिक विकास और भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने वाला पर्यटन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण भारत में प्राचीन मंदिरों से लेकर आधुनिक शहरों तक और राजसी पर्वत श्रृंखलाओं से लेकर शांत समुद्र तटों तक आकर्षणों की एक समृद्ध श्रृंखला है। दक्षिणी राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने की असीम संभावनाएं हैं।
यह बात राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) की ओर से पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित दक्षिण भारत उत्सव – 2024 के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल ने कर्नाटक को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में राज्य के विविध आकर्षणों को प्रदर्शित किया गया।
राज्यपाल ने कहा, कर्नाटक को एक राज्य, अनेक दुनिया के रूप में जाना जाता है। राज्य में विश्व धरोहर स्थलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों का दावा करता है। हम्पी अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है और उडुपी के श्रीकृष्ण मठ काे दक्षिण भारत का मथुरा कहा जाता है। देश में संरक्षित स्मारकों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या राज्य में है। पर्यटन क्षेत्र राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 15% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान देता है और पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करता है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विविध पर्यटन स्थल सैलानियों को आकर्षित करते हैं। राज्यपाल गहलोत ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, दक्षिण भारत में पर्यटन निवेश को आकर्षित करने की अपार संभावनाएं हैं।उपेक्षित स्मारकों के विकास को मिले प्राथमिकता: सिरोया
राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया ने केंद्र सरकार के चलो इंडिया और वेडिंग इन इंडिया जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के विकास पर दिए जा रहे जोर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कर्नाटक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के साथ सहयोग करने के लिए एक सांसद के रूप में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सिरोया ने राज्य में 25,000 उपेक्षित स्मारकों के विकास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।बुनियादी ढांचे को उन्नत करने में मदद करे निजी क्षेत्र: पाटिल
पर्यटन मंत्री एच.के. पाटिल ने निजी निवेशकों से पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे के विकास में राज्य सरकार के साथ हाथ मिलाने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राज्य परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा प्रदान करने वाली शक्ति योजना से पर्यटन क्षेत्रों में आगंतुकों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अब इन स्थानों पर बुनियादी ढांचे को उन्नत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे को उन्नत करने से पर्यटन की संभावना और बढ़ेगी।4 हजार करोड़ के निवेश करार
एफकेसीसीआई के अध्यक्ष रमेशचंद्र लाहोटी ने कहा कि दो दिवसीय दक्षिण भारत उत्सव के दौरान चार हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर करार हुआ है। इस उत्सव में विभिन्न राज्यों के डेढ़ हजार से व्यापारियों व उद्यमियों ने भाग लिया है। प्रदर्शनी में सवा सौ स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से व्यापारियों ने अपने उत्पाद भी बेचे तथा अपनी योजनाओं से लोगों को अवगत कराया। समापन समारोह में एफकेसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम.जी. बालकृष्ण, उमा रेड्डी ने भी भाग लिया।

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