मन में दोष नहीं होना चाहिए

अरसीकेरे में धर्मसभा

By: Yogesh Sharma

Updated: 03 Dec 2019, 04:35 PM IST

बेंगलूरु. आचार्य आनन्दऋषि एवं कर्नाटका केसरी गणेशीलाल की दीक्षा जयंती अरसीकेरे में गुरुवार को मनाई जाएगी। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि एवं तीर्थेश ऋषि महावीर फार्म से 12 किलोमीटर का विहार कर अरसीकेरे पहुंचे।
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए गुरुदेव ने कहा कि मन में द्वेष और तिरस्कार नही होना चाहिए। मन में दोष नहीं होना चाहिए। अगर दोष है तो उसको देख कर सुबह शाम प्रतिक्रमण से समाप्त करना चाहिए। अपने अंदर की गलती देखनी चाहिए। गलती होना स्वाभाविक है। उसको सुधारना चाहिए। करकण्डु मुनि का उदाहरण देकर कहा कि कैसे उनका सभी मुनियों द्वारा तिरस्कार किया फिर भी उन्होंने उनको उसको सहजता से लिया और केवलज्ञान प्राप्त हो गया।
इस अवसर पर अरसीकेरे संघ अध्यक्ष जयंतीलाल पालगोता ने सभी का स्वागत किया। मंत्री चेतन बोहरा ने संचालन किया। पूर्व अध्यक्ष महावीरचन्द बोहरा, उपाध्यक्ष चेतन भलगट ने विचार व्यक्त किए। दोनों महापुरषो की दीक्षा जयंती गुरुवार को अरसीकेरे मे मनाने की विनंती रखी। 60 वर्ष पूर्व गणेशीलाल का चातुर्मास अरसीकेरे संघ में हुआ था। इस अवसर पर बेंगलूरु से रमेश बोहरा, रतनीबाई मेहता, विमला बाफना, रसीला मरलेचा, पदमा कोठारी, कंचन बोहरा, गीता भटेवरा बाणावार से रूपेश बोहरा, माणकचन्द सोलंकी उपस्थित थे। शुक्रवार को गुरुदेव बाणावार और 9 दिसम्बर को चिक्कमंगलूर पहुचेंगे।

Yogesh Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned