मतभेद होने पर भी मन का भेद नहीं हो: मुनि सुधाकर

  • मैसूरु में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 23 Feb 2021, 07:28 PM IST

मैसूूरु. मुनि सुधाकर व मुनि नरेश कुमार मैसूर के विभिन्न उपनगरों में भ्रमण करते हुए सिद्धरता लेआउट पहुंचे जहां भेरूलाल गांधी ने स्वागत किया।

मुनि ने कहा कि हमारा जीवन विरोधी पदार्थों विचारों व घटनाओं का संगम है। हमारे शरीर में अग्नि, पानी व वायु आदि विरोधी द्रव्य हैं। स्वास्थ्य के लिए इसका संतुलन जरूरी है। अग्नि का मंद या कुपित होना बीमारी है। इसी प्रकार जीवन में हमें अनेकता में एकता तथा विषमता में समता से जीना चाहिए। मनुष्य विचारशील प्राणी है वह मशीन का उत्पादन नहीं है। उनमें मतभेद होना स्वाभाविक है।

अनेकान्तवाद के अनुसार मतभेद होने पर भी मन का भेद नहीं होना चाहिए। अपने विचारों के प्रति वफादार और समर्पित रहना चाहिए। इसके साथ ही दूसरों के विचारों और अधिकारों के प्रति भी उदार और सहनशील होना चाहिए। हमें संसार में जितने भी जड़ और चेतन पदार्थ हैं उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।

मुनि ने कहा कि जो परिवार और समाज के मुखिया होते हैं उनके लिए समता और शांति की साधना जरूरी है। तभी वह नेतृत्व की जिम्मेदारी को सफलता से पूरा कर सकते हैं।

इस अवसर पर महेंद्र नाहर, विनोद बुरड़, महावीर मारू, सुरेश मेहता, ललित पोखरणा, दीपक बड़ोला,अशोक बुरड़, चेतन पितलिया, अनिल पितलिया, तेयुप मंत्री विनोद मुणोत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Santosh kumar Pandey Desk
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