मैसूरु पैलेस में नवरात्रि महोत्सव में होगा बदलाव

इस बार नहीं होंगे कई कार्यक्रम

By: Santosh kumar Pandey

Published: 16 Oct 2020, 02:37 PM IST

बेंगलूरु. वाडियारों के शाही परिवार ने इस वर्ष नवरात्रि महोत्सव पर महल के अंदर शरण नवरात्रि के रूप में होने वाले अनुष्ठानों में कुछ बदलाव करने की योजना बनाई है।

श्रीकांतदत्त नरसिम्हराज वाडियार की पत्नी प्रमोदा देवी वाडियार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के मद्देनजर 17 अक्टूबर को पैलेस के अंदर शुरू होने वाले सभी अनुष्ठानों के लिए अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदारों और मीडिया के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है।
नहीं दिखेगा पहलवानों का दमखम

आयुध पूजा के दिन आयोजित शारीरिक दमखम व कौशल के प्रमुख कार्यक्रम वज्रमुश्टी कलगा (कुश्ती) पर भी परिवार ने प्रतिबंध लगा दिया है। इस कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटती रही है और पहलवानों के समर्थक उन्हें जोर आजमाइश करते देखने के लिए पैलेस के अंदर इक_ा होते हैं।
प्रमोदा देवी के निजी सचिव एम लक्ष्मीनारायण ने कहा कि इस बार कोविड-के कारण अनुष्ठानों का आयोजन यथासंभव सादगी से होगा।

प्रतीकात्मक रूप से अनुष्ठान करने के लिए यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार के साथ केवल दो पुजारी मौजूद रहेंगे। उन दो पुजारियों को छोडक़र कोई भी पारंपरिक पोशाक में पैलेस सेवक सहित शरण नवरात्रि अनुष्ठान के दौरान पैलेस के अंदर मौजूद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यहां तक कि पुजारियों के द्वारा दरबार हॉल तक यदुवीर का हाथ पकडक़र लाने वाले पुजारियों की परम्परा को भी रद्द कर दिया गया है।

सजावट की तैयारियां शुरू

दशहरा उत्सव के लिए मैसूर पैलेस की जगमगाहट को सुनिश्चित करने के लिए बुझ चुके बल्बों को बदलने का काम शुरू हो गया है। दशहरा उत्सव का उद्घाटन 17 अक्टूबर को होगा।

छह माह बाद जगमगाएगा महल

कोविड-19 महामारी के कारण पैलेस को रोशनी से सजावट छह महीने से निलंबित कर दी गई थी और रोशनी 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर शाम 7 बजे से 9 बजे तक आयोजित की जाएगी। हालांकि, आम जनता और पर्यटकों के लिए पैलेस के अंदर प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

मैसूर पैलेस बोर्ड के उप निदेशक टी एस सुब्रमण्यन ने बताया कि हर साल हम दशहरा के दौरान 20,000 बल्बों को और फ्यूज्ड बल्बों को बदलने का आदेश देते हैं। इनमें से ज्यादातर बल्बों को पैलेस के कर्मचारी ही बदल देंगे, जबकि कपोल (गोपुरा) में कुछ जगहों पर विशेषज्ञों की सहायता से बल्ब बदले जाएंगे।
बता दें कि पैलेस में जगमगाहट के लिए एक लाख से अधिक बल्बों का उपयोग किया जाता है। इन बल्बों का निर्माण विशेष रूप से हैदराबाद और दिल्ली की कुछ कंपनियों द्वारा किया जाता है।

Santosh kumar Pandey Desk
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