जीने की सोच बदल देगी यह घटना- साध्वी कुमुदलता

धर्मसभा

By: Yogesh Sharma

Published: 24 May 2020, 12:27 PM IST

मैसूरु. सिद्घलिंगपुरा स्थित महावीर जिनालय में विराजित साध्वी डॉ. कुमुदलता ने धर्म चर्चा करते हुए एक कहानी के माध्यम से बताया कि एक दिन किसान का एक बैल कुएं में गिर गया। वह बैल जोर से रंभाने लगा। किसान ने उसकी आवाज सुनी और विचार किया कि यह बैल तो बूढ़ा हो चुका है। उसे बचाकर कोई लाभ नहीं अत: इसको कुएं में ही दफना देना चाहिए। यह सोचकर किसान ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएं में मिट्टी डालना शुरू किया। बैल विचार करने लगा कि यह क्या हो रहा है? वह और जोर-जोर से चीख-चीख कर रंभाने लगा। देखते ही देखते वह शांत हो गया। सभी लोग चुपचाप कुएं में मिट्टी डालते रहें। तभी किसान ने कुएं में झांका तो वह भी आश्चर्य चकित हो गया। अपनी पीठ पर गिरने वाली मिट्टी के साथ बैल हिलडुल कर मिट्टी को नीचे गिरा देता था, फिर उस मिट्टी पर चढ़ जाता। यह क्रम काफी देर तक जारी रहा। अंत में सबको आश्चर्यचकित करते हुए वह बैल कुएं के ऊपरी भाग तक पहुंच गया और फिर बाहर निकल कर भाग गया। कहने का मतलब आपके जीवन में बहुत तरह से मिट्टी फेंकी जाएगी। बहुत तरह की गंदगी आप पर गिरेगी, जैसे कि आपको आगे बढऩे से रोकने के लिए कोई बेकार में ही आपकी आलोचना करेगा, कोई आपकी सफलता से ईष्र्या के कारण आपको भला बुरा कहेगा। कोई आप से आगे निकलने के लिए ऐसे रास्ते अपनाता हुआ दिखेगा जो आपके आदर्शों के विरुद्ध होगा। ऐसे में आपको हार मानकर कुएं में ही नहीं रहना है, बल्कि साहस के साथ हर तरह की गंदगी को गिरा देना है। उस बैल की तरह सीख लेकर अपने कदमों को आगे बढ़ाते जाना है। हर हाल में सकारात्मक रहने का संदेश दिया गया है। इस अवसर पर महेन्द्र दरला, विशाल दरला की ओर से महावीर नेत्र चिकित्सालय मे आर्थिक सहायता राशि सुपुर्द की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष कान्तिलाल चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

Yogesh Sharma Reporting
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