ये रहा कर्नाटक का सबसे अमीर मंदिर...साल भर में कमाए 95 करोड़

ये रहा कर्नाटक का सबसे अमीर मंदिर...साल भर में कमाए 95 करोड़

Sanjay Kumar Kareer | Publish: Jun, 28 2018 08:53:29 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

दक्षिण कन्नड़ जिले का यह मंदिर कर्नाटक के सबसे धनी मंदिरों की सूची में लगातार पांचवे साल भी अव्वल बना हुआ है

अभिनेता अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, शिल्पा शेट्टी, जुही चावला, भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री, सचिन तेंडुलकर, जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद भी मंदिर के भक्तों में शामिल

बेंगलूरु. दक्षिण कन्नड़ जिले का सुब्रमण्या मंदिर कर्नाटक के सबसे धनी मंदिरों की सूची में लगातार पांचवे साल भी अव्वल बना हुआ है। देवस्थानम विभाग की ओर से जारी वर्ष 2017-18 के सबसे धनी मंदिरों की सूची से यह जानकारी सामने आई है।

देवस्थानम विभाग के सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में मंदिर की कुल आय 95 करोड़ 92 लाख 60 हजार रुपए थी। 43 करोड़ 56 लाख 35 हजार रुपए की आय के साथ कोल्लूर का मूकांबिका मंदिर दूसरे और 30 करोड़ 34 लाख 55 हजार की आय के साथ मैसूरु शहर की चामुंडी पहाड़ी स्थित चामुंडेश्वरी देवी का मंदिर तीसरे स्थान पर है।

मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्रा के मुताबिक दानपात्र में संग्रहित राशि के साथ-साथ मंदिर में विभिन्न प्रकार के पूजा-अनुष्ठान, भवनों का किराया, दान में प्राप्त कृषि भूमि से मंदिर को आय होती है। नोटबंदी के बाद मंदिर के दानपात्र में रिकार्ड राशि आई थी। कुक्के सुब्रमण्या मंदिर में देश के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, शिल्पा शेट्टी, जुही चावला, भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री, सचिन तेंडुलकर, जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद भी मंदिर के भक्तों में शामिल है।

सूची में दक्षिण कन्नड़ जिले में कटील स्थित दुर्गा परमेश्वरी मंदिर 23 करोड़ 20 लाख रुपए की आय के साथ चौथे, मैसूर जिले के नंजनगुड स्थित श्रीकंठेश्वर मंदिर 19 करोड़ 45 लाख रुपए के साथ पांचवे स्थान पर है। मले महादेश्वर मंदिर 1४ करोड़ की आय के साथ छठे और बेलगावी जिले में सौदत्ती यल्लम्मा का मंदिर 12 करोड़ की आय के साथ 7वें स्थान पर है। बेंगलूरु शहर में बनशंकरी में स्थित बनशंकरी देवी का मंदिर 8 करोड़ रुपए का वार्षिक आय के साथ आठवें स्थान पर है।

 

दान राशि का अन्यत्र उपयोग नहीं
राज्य के 34 हजार से अधिक मंदिरों का संचालन देवस्थानम विभाग करता है। मंदिरों के दानपात्रों में संग्रहित राशि तथा अन्य स्रोतों से आय के आधार पर मंदिरों को ए, बी तथा सी श्रेणी में बांटा गया है। 10 करोड़ से अधिक आय वाले मंदिर ए, 5 करोड़ तक आय वाले मंदिर बी तथा 1 करोड़ से अधिक आय वाले मंदिर सी श्रेणी में आते हैं। विभाग के सूत्रों के मुताबिक श्रद्धालुओं से प्राप्त दान राशि का उपयोग मंदिरों के बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाता है। इसे किसी अन्य मद में उपयोग नहीं किया जाता है। अधिक आय वाले मंदिरों की दान राशि का उपयोग ऐसे छोटे मंदिरों के रखरखाव में किया जाता है जिनकी आय कम है।

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