इस बार होंगे 530 किस्म के आम, 70 तरह के कटहल

इस बार होंगे 530 किस्म के आम, 70 तरह के कटहल

Shankar Sharma | Publish: May, 24 2019 12:25:39 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

शहर के बाहरी क्षेत्र हेसरघट्टा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) तथा भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान की ओर से 28 तथा 29 मई को आम तथा कटहल का अनूठा मेला आयोजित किया जा रहा है।

बेंगलूरु. शहर के बाहरी क्षेत्र हेसरघट्टा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) तथा भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान की ओर से 28 तथा 29 मई को आम तथा कटहल का अनूठा मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में 530 किस्म के आम तथा 70 किस्म के कटहल प्रदर्शित किए जाएंगे।

आइसीएआर के निदेशक तथा अध्यक्ष डॉ. एमआर दिनेश ने यहां बुधवार को बताया कि देश में 4 हजार वर्षों से आम का उत्पादन किया जा रहा है। विश्व में 1000 से अधिक किस्म के आम का उत्पादन होता है। उसी तरह से देश के विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक किस्म का कटहल होता है।


उन्होंने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, गुजरात, राजस्थान हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों में विभिन्न किस्म के आम का उत्पादन किया जाता है। लेकिन अधिकांश किसानों को आम की गुणवत्ता तथा उनसे बनने वाले अन्य उत्पादों के विपणन की जानकारी नहीं होती, इससे कई किस्म के आम तथा कटहल का वाणिज्यिक फसल के रूप में लाभ नहीं लिया जाता।


विश्व के आम उत्पादन में से 54.2 फीसदी भारत में होता है। देश में उत्पादित आम अमरीका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन सहित खाड़ी देशों में निर्यात होते हैं।


ये हैं देश के विभिन्न किस्म के आम
बिहार में ग्रीन चौसा, दशहरी, फाजिल, किशनभोग, हिमसागर, जर्दालु तथा लंगड़ा, हिमाचल प्रदेश में चौसा, दशहरी तथा लंगड़ा, उत्तर प्रदेश में बॉम्बे ग्रीन चौसा, दशहरी तथा लंगड़ा, मध्य प्रदेश में अल्फांसो, बॉम्बे ग्रीन, नीलम, लंगड़ा, आंध्र प्रदेश में बनगानपल्ली, सुवर्णरेखा, नीलम तथा तोतापुरी, पश्चिम बंगाल में फाजिल, गुलाबखास, हिमसागर, किशनभोग, लंगड़ा तथा बॉम्बे ग्रीन, तमिलनाडु में अल्फांसो, तोतापुरी, बनगानपल्ली तथा नीलम, कर्नाटक में अल्फांसो, तोतापुरी, मालगोवा व बनगानपल्ली, राजस्थान में चौसा, दशहरी, फाजिल, गुजरात में अल्फांसो, जामदार, नीलम, दशहरी किस्म के आम का उत्पादन होता है।

दुर्लभ किस्म के आम के बीजों का संरक्षण
भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान की ओर से विभिन्न अनूठे किस्म के आम तथा कटहल के बीजों का संरक्षण किया जाता है। आने वाले दिनों में ऐसे फलों के अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी मेले का एक प्रमुख लक्ष्य है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को पता चलेगा कि देश में कितने किस्म के आम तथा कटहल उपलब्ध हैं। आइसीएआर परिसर में मेले के पश्चात शहर के चित्रकला परिषद के परिसर में भी ऐसा ही मेला 1 तथा 2 जून को आयोजित किया जाएगा। मेले के माध्यम से आम उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को बेचने का अवसर मिलेगा।

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