दिल्ली जाने वालों को आलाकमान से मिला सही जवाब : येडियूरप्पा

- नेतृत्व परिवर्तन के प्रयासों के बीच असंतुष्टों पर साधा निशाना

By: Nikhil Kumar

Published: 28 May 2021, 10:37 PM IST

बेंगलूरु. राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने गुरुवार को असंतुष्टों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली गए थे, उन्हें आलाकमान ने सही जवाब के साथ वापस भेजा है।

कुछ मंत्रियों और विधायकों के खुद को अपदस्थ करने की कोशिशों को दरकिनार करते हुए येडियूरप्पा ने कहा कि कोविड-19 से निपटना और लोगों के हितों की रक्षा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। असंतुष्टों के दिल्ली दौरे को लेकर परोक्ष हमला करते हुए येडियूरप्पा ने कहा कि कुछ लोग कहीं जाते हैं तो उन्हें समुचित जबाव देकर वापस भेज दिया जाता है।

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु को पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग अभी संकट में हैं। कोरोना के कारण मौतों की संख्या बढ़ रही है। इससे साथ मिलकर लडऩा मंत्रियों, विधायकों और सभी का दायित्व है। हमें इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेरे सामने अभी कोरोना पर नियंत्रण पहली प्राथमिकता है।

विधायक दल की बैठक बुलाने के बारे में पूछे गए सवाल पर येडि ने कहा कि इसके बारे में मीडिया में चर्चा करने की कोई जररुत नहीं है।

गौरतलब है कि कुछ मंत्रियों और विधायकों के दिल्ली जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बुधवार को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलों का दौर शुरु हुआ था। कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने भी खुले तौर पर स्वीकारा था कि पार्टी के अंदर येडियूरप्पा को हटाने की कोशिश चल रही है। पर्यटन मंत्री सी पी योगेश्वर और हुब्बल्ली-धारवाड़ पश्चिम के विधायक अरविंद बेल्लद के दिल्ली जाने के बाद इन चर्चाओं को बल मिला था और कई मंत्री येडि के समर्थन में खुलकर सामने आए थे। बुधवार देर शाम योगेश्वर और बेल्लद दिल्ली से लौट आए थे।

नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नहीं थी दिल्ली यात्रा : योगेश्वर
इस बीच, योगेश्वर ने कहा कि उनकी दिल्ली यात्रा का नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं से कोई लेना-देना नहीं है। वे अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के लिए दिल्ली गए थे। येडियूरप्पा को नेतृत्व के मसले पर समर्थन करने को लेकर पूछे गए सवाल पर योगेश्वर ने कहा कि वे पार्टी के मंच पर यह सवाल आने पर अपनी राय रखेंगे। योगेश्वर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके दिल्ली दौरे के साथ नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें कैसे शुरु हुईं।

योगेश्वर ने येडियूरप्पा के बेटे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और सांसद बीवाई राघवेंद्र पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की नहीं बल्कि कांग्रेस, जनता दल-एस और भाजपा की मिली जुली सरकार चल रही है। मंत्रियों के बीच समन्वय की कमी है। कोरोना से पर हर मंत्री के अलग अलग बयान से असमंजस की स्थिति है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए यह मौकापरस्त राजनीति काफी महंगी साबित होगी।

Nikhil Kumar Reporting
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