कोरोना वॉरियर्स की तरह चेहरा छिपाकर करते थे चोरी

कोलंबिया के तीन नागरिक गिरफ्तार, एक अन्य फरार
2.58 करोड़ का माल जब्त

By: Santosh kumar Pandey

Published: 31 Jul 2020, 10:56 PM IST

बेंगलूरु. उत्तर-पूर्व संभाग पुलिस ने टूरिस्ट बन कर भारत आने के बाद यहां हाइटैक उपकरणों की मदद से चोरियां करने वाले कोलंबिया नगारिकों के गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनसे करीब 2.58 करोड़ रुपए के चोरी के आभूषण और अन्य कीमती चीजें बरामद हुई हैं।

पुलिस ने कोलंबिया के पडिल्ला मार्टिनेज (48), स्टेफानिया मुनोजमोन साल्वे (23) और क्रिश्चियन यीनिस नवरो ओलार्थे (34) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी गुस्तावो (40) फरार है और उसकी तलाश जारी है।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी टूरिस्ट वीसा पर नेपाल के रास्ते नई दिल्ली पहुंचे और गुस्तावो से संपर्क किया। उसके सुझाव पर वे बेंगलूरु आकर सर्विस अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहने लगे। वे अमीर लोगों के घरों को निशाना बनाकर चोरियां करते थे। उन्हें ऊंची दीवारों से कूदने और छलांग लगाने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त था। वे अनजान क्षेत्रों में अमीरों का पता लगाकर अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से चोरियां करते थे। वे शाम के समय मोटर साइकिल या कार में निकलते और सूने मकानों की निशानदेही करते थे।

सारे चोर कोरोना वारियर्स की तरह पीपीई किट से चेहरा और शरीर को पूरी तरह ढंक कर चोरियां करते थे। स्टेफानिया पहले घर में जाकर कॉल बैल बजाती। घर पर कोई भी नहीं होने की जानकारी वॉकीटॉकी के जरिए बाकी सदस्यों को देती थी। फिर वे सभी अत्याधुनिक उपकरणों से लॉक तोडक़र चोरी करते थे।

आरोपी मोबाइल जैमर, पेपर स्प्रे, चाकू, ड्रिल मशीन, बिट मशीन, लेजर कटर, रिग स्कैनर, कटिंग प्लायर, लैम्पगन और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपी एक मकान में चोरी का प्रयास कर रहे थे लेकिन अचानक संपिगेहल्ली पुलिस मौके पर पहुंच गई तो आरोपियों ने कार छोडी और 15 फीट की दीवार फलांग कर भाग गए थे। पुलिस को कार से मिली चीजों से उनके बारे में अहम सुराग मिले और आखिरकार उनकी गिरफ्तारी हुई। साल 2018 में जय नगर में भी इसी तरह चोरी की गई थी।

दो माह तक तलाशने के बाद पुलिस ने आरोपियों को थणिसन्द्र के पास बाइक पर जाते समय गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पिछले साल एक बैंक लूटने का भी प्रयास किया था। आरोपियों ने चोरी के आभूषण और अन्य चीजों के साथ जाली पासपोर्ट की मदद से फरार होने की योजना बनाई थी। उनके खिलाफ कोत्तानूर, संपिगेहल्ली, अमृतहल्ली, चिक्कजाला, विद्यारण्यपुर समेत कई पुलिस थानों मे 31 से अधिक मामले दर्ज हंै।

Santosh kumar Pandey Desk
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