देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार कश्मीरी छात्र रिहा

सीआरपीसी की धारा 169 के तहत बांड भरने के बाद छोड़ा गया

बेंगलूरु.
हुब्बली के इंजीनियरिंग कॉलेज से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार तीन कश्मीरी छात्रों को सीआरपीसी की धारा 169 के तहत एक बांड भरने के बाद रिहा कर दिया गया है। इन छात्रों ने कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित नारे लगाए थे।
पुलिस ने यहां रविवार को कहा कि एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढऩे वाले इन तीनों छात्रों को पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने और पुलवामा हमले की पहली बरसी पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। हुब्बली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त आर दिलीप ने कहा कि हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त आर दिलीप ने कहा कि छात्रों को 169 सीआरपीसी के तहत बांड जारी करने के बाद रिहा कर दिया गया है इस शर्त पर की जब भी उन्हें बुलाया जाएगा तब पेश होंगे। सीआरपीसी की धारा 169 तब प्रभावी होती है जब जांच अधिकारी को लगता है कि रिमांड के लिए अदालत में आरोपी को पेश करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को संवेदनशील तरीके से संभाल रही है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर का मामला है।
देशद्रोह का मामला वापस लें: छात्र संघ
उधर, जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा से अपील की है कि छात्रों पर लगाए गए देश द्रोह के आरोप वापस लिए जाएं। छात्र संघ के अध्यक्ष नासिर ने एक पत्र लिखकर दोनों नेताओं से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है। उन्होंने कहा कि है कि छात्रों ने जो भी किया है वह गलत है। छात्र संघ उसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है। कश्मीरी छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और विश्वविद्यालय के हितों की रक्षा करनी चाहिए। कश्मीरी छात्र सोशल मीडिया पर इस तरह के भड़काऊ पोस्ट लिखने से बचें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रीत करे। छात्र संघ ने यह भी कहा है कि देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना छात्रों के लिए एक बेहद कठोर सजा है। इससे उनका जीवन बर्बाद हो जाएगा और वे अलग-थलग पड़ जाएंगे। इसलिए इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। ये गरीब छात्र हैं और येडियूरप्पा और अमित शाह को तुरंत मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें राहत देना चाहिए। साथ ही छात्र संघ ने कहा कि कश्मीरी छात्र ऐसा कुछ नहीं करें जिससे शांति पर असर पड़े। जिन राज्यों में भी कश्मीर छात्र हैं वे समझदारी पूर्वक रहें और किसी के उकसावे ेमें नहीं आएं।

Rajeev Mishra Reporting
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