निंदा करना और सुनना महापाप-आचार्य चन्द्रयश

धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Updated: 09 Jun 2021, 05:01 PM IST

बेंगलूरु. सिद्धाचल धाम में विराजित आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर ने कहा कि जीवन से परनिंदा और परचिंता यह दो दोष निकल जाएं तो हमारा जीवन पुष्प की तरह महक उठेगा। निंदा करना और निंदा सुनना महापाप है। निंदा सुनने वालों को दूसरे भव में सुनने की शक्ति नहीं मिलती और निंदा करने वालों को दूसरे से बोलने की शक्ति नहीं मिलती। दूसरे के दोष गाना-निंदा करना वह उसकी प्रतिष्ठा की हत्या करने जैसा है। प्रभु का शासन मिला यानी गुणों का उद्यान मिला। यहां सब के गुण से पुष्प सी महक आ रही है। हमें वह सुगंध में ही रहना है तो दोष कहा से देख पाएंगे। गुणवान व्यक्तियों के बीच ही हमें रहना है। जैसे मच्छीघर को मच्छी कि दुर्गंध भी सुगंध जैसी लगती है। हमारी आत्मा को ऐसा नहीं बनना है।

एक हजार को लगाए कोरोना टीके
बेंगलूरु. दोड्डानिकुंदी महादेवपुरा पार्षद विजय हुडी की ओर से कोरोना टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस अवसर आसपास के रहने वाले लोगों को टीके लगवाए गए। इस अवसर पर रामनाइक, नदन, प्रतिमा, भारती श्रीवास्तव आदि ने टीकाकरण अभियान में सहयोग किया। एक माह के दौरान एक हजार से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। भारती श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना का टीका लगने बाद कोरोना महामारी का खतरा कम हो जाता है। लोग अधिक से अधिक टीके लगवाकर अपने को सुरक्षित करें।

Yogesh Sharma Reporting
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