मूसलाधार बारिश का दौर जारी, नदियां उफान पर

सभी जलाशय भरे, गेट खुले

By: Santosh kumar Pandey

Published: 22 Sep 2020, 02:52 PM IST

बेंगलूरु. राज्य में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अधिकतर नदियां उफान पर हैं, कई गांव जलमग्न हो चुके हैं जबकि बहुत से घर, वाहन पानी में डूब गए हैं और फसलें बर्बाद हो रही है।

राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) के अनुसार, भारी बारिश के कारण सभी बांध पूरी तरह से भर गए हैं, जिसकी वजह से उनके गेट खोले जा रहे हैं। केएसएनडीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, 'गेट खुलने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है, फिर भी कुछ गांवों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।Ó

कावेरी, हेमवती, कपिला और हारंगी नदी खतरे के निशान से ऊपर

जल संसाधन विभाग के सूत्रों के अनुसार, कावेरी, हेमवती, कपिला और हारंगी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि इन चारों नदियों पर बने बांध के गेट को खोल दिया गया है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने आज केआरएस से 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। निचले इलाकों में रनहे वाले लोगों को सतर्क कर दिया है।Ó राज्य के उत्तरी और अंदरूनी हिस्सों में भी नदियां कहर बरपा रही हैं। उत्तर कर्नाटक के कई महत्वपूर्ण बांध भद्रा, तुंगभद्रा, घटप्रभा, मलप्रभा, अलमत्ती और नारायणपुर बांध पूरी तरह भरे हुए हैं।

उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थिति गंभीर

तटीय कर्नाटक में उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां शुक्रवार रात से ही भारी बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा नुकसान उडुपी में हुआ है जहां कई तालुकों में भारी तबाही हुई है। यहां करोड़ों का नुकसान हुआ है। दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रभारी मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी के निर्देश पर मेंगलूरु से एनडीआरएफ कर्मियों का एक दल राहत एवं बचाव के लिए उडुपी पहुंचा हुआ है। उडुपी में श्रीकृष्ण मठ में 'राजंगनाÓ सहित कई इलाके, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान, पार्किंग क्षेत्र, गोदाम आदि डूब गए हैं। कई इलाकों से सड़क संपर्क टूट गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले की दो नदियां, स्वर्ण और सीतानदी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। जिले में कुल 31 राहत शिविर खोले गए। उडुपी के उपायुक्त जी. जगदीश ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बचाव प्रयासों में शामिल कर्मियों को निर्देश दिए। दक्षिण कन्नड़ जिले में बारिश के कारण कई घर और इमारतें डूब गई हैंं और कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

यहां मेंगलूरु और बंटवाल तालुकों में सबसे अधिक बारिश हुई। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जिले में पांच राहत शिविर खोले गए हैं जबकि 1,250 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। इस बीच अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

Santosh kumar Pandey Desk
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