उडुपी श्रीकृष्ण मठ का 250 वां पर्यायोत्सव आज से

उडुपी.श्रीकृष्ण मठ के पर्यायोत्सव का आरंभ शुक्रवार से होगा। अबकी बार उडुपी के अष्ट मठों में से अदमार मठ के स्वामी ईशप्रियातीर्थ वर्ष 2022 तक पीठाधिपति के रूप में श्रीकृष्ण मंदिर में पूजा तथा अन्य दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उडुपी के अष्ट मठों में संत मध्वाचार्य की ओर से शुरू की गई यह जारी है।

उडुपी.श्रीकृष्ण मठ के पर्यायोत्सव का आरंभ शुक्रवार से होगा। अबकी बार उडुपी के अष्ट मठों में से अदमार मठ के स्वामी ईशप्रियातीर्थ वर्ष 2022 तक पीठाधिपति के रूप में श्रीकृष्ण मंदिर में पूजा तथा अन्य दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
उडुपी के अष्ट मठों में संत मध्वाचार्य की ओर से शुरू की गई यह जारी है। जिसके तहत दो वर्ष के अंतराल में अष्ट मठों में से किसी एक मठ के स्वामी को पीठाधिपति का दायित्व सौंपा जाता है, जिसे पर्यायोत्सव कहा जाता है। गत दो वर्ष से पालीमर मठ के विद्याधीशस्वामी यह दायित्व संभाल रहे थे।
पर्यायोत्सव के कार्यक्रम के दौरान अष्टमठों के सभी 8 स्वामियों की उपस्थिति में अदमार मठ के प्रमुख ईशप्रियास्वामी अगले दो वर्ष के लिए श्रीकृष्णमठ के प्रबंधन का सूत्र अपने हाथ में लेंगे। वर्ष 1522 से यह परंपरा अबाधित रूप से चल रही है। अदमार मठ के प्रमुख ईशप्रियास्वामी इस मठ के सर्वज्ञ पीठ के 33वें पीठाधिपति होंगे। मठ के वरिष्ठ स्वामी विश्वप्रिय ने इस बार यह दायित्व अपने शिष्य ईशप्रियास्वामी को सौंपने का फैसला किया है।
इस बार पर्यायोत्सव का नेतृत्व अदमार मठ को मिलने से इस मठ को विशेष रूप से सजाया गया है। वर्ष 2004-06 के दौरान निर्मित उडुपी मंदिर परिसर में निर्मित कनक गोपुर की विशेष सजावट की गई है। इसके अलावा श्रीकृष्ण, गोविंदराज, मध्वसरोवर, अनंतेश्वर मंदिर तथा चंद्रमौलिश्वर मंदिर की विशेष सजावट की गई है। इस बार के पर्यायोत्सव को प्लास्टिक से मुक्त रखने का फैसला किया गया है। पर्यायोत्सव में कर्नाटक तथा विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

Sanjay Kulkarni
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