गैर अनुदानित शालाओं के शिक्षकों को लंबित वेतन के भुगतान का आश्वासन

गैर अनुदानित शालाओं के शिक्षकों को उनके लंबित वेतन के भुगतान का आश्वासन ।

By: Sanjay Kulkarni

Published: 16 May 2020, 08:32 PM IST

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बीएस यडियूरप्पा ने गैर अनुदानित शालाओं के शिक्षकों को उनके लंबित वेतन के भुगतान का आश्वासन दिया है।मुख्यमंत्री ने शनिवार को आवासीय कार्यालय में शिक्षक तथा स्नातक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करनेवाले विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक के पश्चात कहा कि वित्त विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। ऐसी शिक्षा संस्थाओं में कार्यरत शिक्षकों को अनाज के पैकेट भी दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आरटीई शुल्क का बकाया शीघ्र ही जारी किया जाएगा। इससे संस्थाओं को शिक्षकों का बकाया वेतन के भुगतान में आसानी होगी।इससे पहले बैठक में शिक्षक तथा स्नातक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधान परिषद सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में आरटीई शुल्क का भुगतान तथा इन संस्थाओं में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष पैकेज जारी करने और गैर अनुदानित शिक्षा संस्थाओं को ब्याज रहित ऋण देने की मांग की थी।

इस प्रतिनिधि मंडल में विधान परिषद सदस्य बसवराज होरट्टी, अरूण शाहपुर, एसवी संकनूरु, चोडरेड्डी तोपल्ली, वाईए नारायणस्वामी, एसएल भोजेगौड़ा, मरितिब्बे गौड़ा, शरणप्पा मट्टूर, हनुमंत निराणी, केटी श्रीकंटे गौडा, ए. देवगौड़ा तथा पुट्टण्णा शामिल थे।

मंड्या चीनी मिल का निजीकरण नहीं

मंड्या. मुख्यमंत्री बीएस यडियूरप्पा ने मंड्या चीनी मिल 'मैशुगरÓ का निजीकरण नहीं करने के संकेत दिए हंै।हाल में संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल इस मिल का मेंटनेंस निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है लेकिन स्वामित्व राज्य सरकार का ही रहेगा।

मिल के निजीकरण के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई थी। लेकिन इस प्रस्ताव का जिले में व्यापक विरोध देखते हुए मुख्यमंत्री ने निजीकरण का प्रस्ताव टाल दिया।उल्लेखनीय है कि इस मिल के निजीकरण के प्रस्ताव का पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी विरोध किया था। लगातार अनुदान जारी किए जाने के बाद भी घाटे में चल रही मिल का मेंटनेंस निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है।

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned