12 जिलों में शुष्क हो रही है कृषि योग्य भूमि

सभी जिलों में मिट्टी के स्वास्थ्य का परीक्षण

By: Sanjay Kulkarni

Published: 05 Feb 2021, 05:45 AM IST

बेंगलूरु. राज्य के 12 जिलों उडुपी, उत्तर कन्नड़, दक्षिण कन्नड़, शिवमोग्गा, बेंगलूरु ग्रामीण, बेंगलूरु शहर, कोडग़ु, गदग, विजयपुर, कोप्पल, बेलगावी तथा बागलकोट की कृषि भूमि में अम्लता तथा नमक की मात्रा अधिक होने के कारण कृषि योग्य भूमि अब शुष्क होती जा रही है। कृषि मंत्री बीसी पाटील ने यह जानकारी दी।

विधान परिषद में को प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा कि सभी जिलों में मिट्टी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है। इससे किसानों को जानकारी मिलती है कि मिट्टी में कौन से पौषक तत्व मौजूद हैं तथा फसलों के लिए किस खाद की आवश्यकता है। इससे किसानों को अनावश्यक खाद खरीदने से निजात मिलेगी। सभी जिलों में ऐसी संचारी प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर किसान सेवा केंद्र से संपर्क कर किसान इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अभी राज्य में कृषि विभाग ने 97 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की हंै। तहसील स्तर पर भी 212 केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध है। बेलगावी जिले में मोबाइल प्रयोगशाला है। राज्य के सभी जिलों में इस सेवा का विस्तार किया जाएगा।

इस पर तिप्पेस्वामी ने कहा कि मंड्या जिले को भी इस सूची में शामिल किया जाए क्योंकि जिले में रासायनिक खादों के अनियंत्रित उपयोग के कारण भूमि बंजर हो रही है। जिले में भूमि की अधिक सिंचाई के कारण कृषि भूमि उपजाउ मिट्टी उपरी सतह बह गई है। परिणाम स्वरूप कृषि भूमि शुष्क होती जा रही है।

राज्य में 4 सैनिक स्कूल होंगे स्थापित

बेंगलूरु. अनुसूचित जाति तथा जनजाति के विकास के लिए उपलब्ध अनुदान से राज्य के चार राजस्व विभाग में 4 सैनिक स्कूल स्थापित किए जाएंगे। स्कूलों को भूमि, बिजली, पानी तथा अन्य सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सरकार देेगी। उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल ने यह बात कही।

विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान एम.नारायणस्वामी के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इन स्कूलों का प्रबंधन सेना को सौंपा जाएगा। स्कूलों में अनूसूचित जाति तथा जनजाति के 48 फीसदी विद्यार्थियों को प्रवेश देना अनिवार्य होगा। अन्य समुदायों के 52 फीसदी विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बजट में अब अजा-जजा समुदायों के विकास के लिए उनकी आबादी के अनुपात में लगभग 24 फीसदी राशि आवंटित की जा रही है। इसका सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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