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बैंगलोर

साधना के संगम थे उपाध्याय पुष्करमुनि: साध्वी डॉ दर्शनप्रभा

हनुमंतनगर स्थानक में आयोजन

बैंगलोरJun 03, 2024 / 02:42 pm

Santosh kumar Pandey

hanumantnagarrrrr

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, हनुमंतनगर के तत्वावधान में एवं साध्वी डॉ दर्शनप्रभा के सान्निध्य में उपाध्याय पुष्करमुनि की 100 वीं दीक्षा जयंती, श्रमण संघीय उप प्रवर्तक नरेश मुनि का 43 वां दीक्षा दिवस दो -दो सामायिक की साधना के साथ सामायिक दिवस के रूप में जैन स्थानक में मनाया गया।
महिला मंडल की किरण संचेती ने मंगलाचरण किया। साध्वी डॉ दर्शन प्रभा ने उपाध्याय का गुणानुवाद करते हुए कहा कि गुरुदेव का व्यक्तित्व एवं कृतित्व बहुत प्रभावशाली था। वे ज्ञान, दर्शन, चारित्र की साधना के संगम थे।
वे अनुशासन प्रतिपालक थे, जिन्होंने अपनी प्रखर साधना के बल पर प्रभु महावीर के जिनशासन, श्रमण संघ की, धर्म की महती प्रभावना की और जन जन की आस्था के केन्द्र बनकर जगत में विश्व संत के रूप में पहचाने गए।उन्होंने नरेश मुनि के बहुआयामी संयमी जीवन पर प्रकाश डाला।
पूर्व में साध्वी डॉ समृद्धि ने संतों के प्रेरक संयमी जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।हनुमंत नगर संघ अध्यक्ष गौतमचंद सिंघवी, मंत्री सुरेश धोका, महावीर मेहता , मीठालाल भंसाली ने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर विभिन्न संघ, संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारीगण, हनुमंत नगर संघ, ट्रस्ट के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य सहित रंजीतमल कानूगा, संपतराज मरलेचा , सुखराज कोठारी, रमेश सिसोदिया, सुमेरमल मुनोत, गणेशमल गुगलिया, विशाल धारीवाल, विकास मेहता एवं समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।हनुमंत नगर युवक मंडल अध्यक्ष शीतल रांका, मंत्री किशोर बाफना ने गुरुकुल की रिपोर्ट पेश की । महिला मंडल व युवक मण्डल ने व्यवस्था में सहयोग प्रदान किया। संचालन संघ सचिव धोका ने किया।
हनुमंत नगर के महावीर चंद, विशाल कुमार धारीवाल परिवार लाभार्थी रहे।

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