उपाध्याय भगवान चिकित्सक के समान थे-साध्वी डॉ. दर्शन प्रभा

पुष्कर मुनि का तप दिवस मनाया

By: Yogesh Sharma

Published: 11 Oct 2021, 07:30 AM IST

बेंगलूरु. ज्येष्ठ पुष्कर दरबार में डॉ. दर्शनप्रभा के सान्निध्य में डॉ.समृद्धिश्री ने कहा गुरुदेव पुष्कर मुनि का तप दिवस के साथ मनाया गया। डॉ. समृद्धिश्री ने कहा कि उपाध्याय भगवान जप योगी तप योगी ध्यान योगी थे। लाइफ मैनेजमेंट गुरु थे, महापुरुषों का सौंदर्य उनकी आध्यात्मिक ऊंचाइयां उनकी पवित्र वाणी की खुशबू हमारे चित्त को सौम्य सुर मय बना देती हैं। उनकी पवित्र वाणी की खुशबू हमारे चित्त को पावन पवित्र बना देती है। फूल तो सभी सुंदर होते हैं। लेकिन कमल का आनंद कुछ और ही है।

कमल अनासक्ति का प्रतीक है। गुरुजी उपाध्याय पुष्कर मुनि कमल के समान इस संसार में अलिप्त अनासक्त रहे। वह हमेशा ध्यान साधना में रत रहते थे। डॉ. दर्शन प्रभा ने कहा कि जैसे परमात्मा प्रभु महावीर स्वर्ण कमल की तरह महान वैज्ञानिक थे। गहन चिकित्सक थे। सब लोगों के रोगों को दूर करने का प्रयत्न करते थे। वैसे ही उपाध्याय भगवान चिकित्सक के समान थे। वह हर एक के मन की पीड़ा को दूर करते थे। गुरुदेव आध्यात्मिक गुरुदेव थे। सामान्य रूप से व्यक्तिगत में जीता है। उसके लिए एक सामायिक वह है जिसे वह दो घड़ी बैठ कर करता है और दूसरी सामायिक वह है जिसे हम जीवन भर के लिए स्वीकार करते हैं। उपाध्याय पुष्कर मुनि एक ध्यान योगी तक योगी साधक थे। साध्वी डॉ. दर्शनप्रभा को संघ उन्न नायिका की पदवी से अलंकृत किया गया। डॉ.समृद्धिश्री, जिनाज्ञाश्री, साध्वी रिद्धिमा, साध्वी रुचिका, दर्शनप्रभा ने विचार व्यक्त किए। महावीर मेहता, गौतमचंद धारीवाल, दीपचंद भंसाली, विशाल, जुगराज, अभयकुमार, पुखराज ने उपाध्याय पुष्कर मुनि का गुणगान किया। 21 उपवास के पचक्खान पिंकी डोसी ने लिए।

उपाध्याय भगवान चिकित्सक के समान थे-साध्वी डॉ. दर्शन प्रभा
Yogesh Sharma Reporting
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