अहिंसा व सत्य का प्रयोग करें: समकित मुनि

अशोकनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 16 Oct 2020, 03:22 PM IST

बेंगलूरु. अशोकनगर शूले स्थित गुरु निहाल सुमति दरबार में विराजित श्रमण संघीय डॉ.समकित मुनि ने कहा कि केशी श्रमण की हर जिज्ञासा का समाधान गौतम स्वामी सात्विक देते हैं। मुनि ने कहा कि इससे यह जानकारी प्राप्त होती है कि समस्या का समाधान सात्विक भी हो सकता है।

यह जरूरी नहीं कि समस्या का निपटारा झूठ, कपट और हिंसा द्वारा किया जाए। बल्कि अहिंसा और सत्य से भी समाधान किया जा सकता है। अहिंसा सत्य से प्राप्त समाधान कालजयी और शाश्वत होता है। झूंठ द्वारा मिला समाधान निश्चित काल का होता है। लेकिन सत्य द्वारा किए समाधान में कभी हेर-फेर नहीं करनी पड़ती। मुनि ने प्रेरणा दी कि सत्य और झूठ इन दोनों से ही बला टल रही हो तो ऐसे समय में सत्य का आलम्बन लें।

मुनि ने कहा कि इंसान को सत्य सुनना पसंद है लेकिन वह स्वयं सत्य बोलना नहीं चाहता। यह मानव जीवन की विडंबना है। श्रावक का अहिंसा और सत्य का संकल्प होता है। श्रावक को चाहिए कि वह अहिंसा और सत्य का प्रयोग जीवन में करे। किसी भी समस्या को ख़त्म करने के लिए सत्य को हीं चुने। अहिंसा सत्य का प्रयोग जीवन में करते रहने से सात्विक परिणाम समने आते हैं।

Santosh kumar Pandey Desk
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