scriptUse of solar energy in railways increased, saving of Rs 1.96 crore | रेलवे में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा, 1.96 करोड़ रुपए की बचत | Patrika News

रेलवे में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा, 1.96 करोड़ रुपए की बचत

120 स्टेशनों पर 4656.60 किलोवाट के सौर ऊर्जा पैनल लगाए

बैंगलोर

Published: May 10, 2022 08:28:02 am

बेंगलूरु. दक्षिण पश्चिम रेलवे ने क्षेत्र के 120 स्टेशनों पर 4656.60 किलोवाट के सौर ऊर्जा पैनल लगाए हैंं। वहीं चालू वित्त वर्ष में 26 स्टेशनों पर और सोलर पैनल लगाने की योजना है। दपरे में गत वित्तीय वर्ष के दौरान 46.11 लाख यूनिट सौर बिजली उत्पादन कर रेलवे ने 1.96 करोड़ रुपए की बचत की है।
वर्ष 2021-22 के दौरान एसएसएस हुब्बल्ली स्टेशन की बिजली की आवश्यकता का 70 प्रतिशत सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा किया गया। दक्षिण पश्चिम रेलवे उन क्षेत्रों में से एक है जिसने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है। पूरे क्षेत्र में स्टेशनों, सेवा भवनों, समपार फाटकों पर सौर पैनलों की स्थापना है। इससे न केवल सभी स्टेशनों की बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी बल्कि रेलवे के खर्च में भी बचत होगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने अब तक सेवा भवनों और प्रमुख स्टेशनों पर कुल 4656.60 किलोवाट सौर पैनल स्थापित किए हैं। जोन ने 120 स्टेशनों की छत (सभी प्रमुख स्टेशनों-एसएसएस हुब्बल्ली, केएसआर बेंगलूरु, मैसूरु, यशवंतपुर आदि को कवर करते हुए) और 07 सेवा भवनों (जोनल मुख्यालय रेल सौधा, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय-हुब्बल्ली, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय को कवर करते हुए) पर सौर पैनल प्रदान किए हैं। बेंगलूरु, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, मैसूर, रेलवे अस्पताल-हुब्बल्ली, पार्सल कार्यालय बेंगलूरु, रेलवे अस्पताल-बेंगलूरु)। जोन में दोनों कारखानोंं (हुब्बल्ली कार्यशाला-1045 किलोवाट क्षमता; मैसूरु कार्यशाला-500 किलोवाट क्षमता) और दोनों शेड, कृष्णराजपुरम डीजल शेड (240 किलोवाट), हुब्बल्ली ईएमडी शेड (640 किलोवाट) में भी सोलर रूफ टॉप प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा 295 समपार फाटकों में सोलर पैनल लगे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान दक्षिण पश्चिम रेलवे में सौर बिजली उत्पादन 46.11 लाख यूनिट था जिसके परिणाम स्वरूप बिजली बिल में 1.96 करोड़ रुपए की बचत हुई।
वर्ष 2021-22 के दौरान एसएसएस हुब्बल्ली स्टेशन की बिजली की आवश्यकता का लगभग 70 प्रतिशत (कुल ऊर्जा खपत- 4.8 लाख यूनिट) सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा किया गया। हुब्बल्ली कार्यशाला (13.51 लाख यूनिट के एसडब्ल्यूआर में दूसरी सबसे अधिक ऊर्जा खपत के साथ) की ऊर्जा आवश्यकता का 83 प्रतिशत सौर ऊर्जा से पूरा किया जा रहा है। 1.13 लाख यूनिट वार्षिक खपत के साथ हुब्बल्ली ईएमडी शेड की ऊर्जा आवश्यकता का 60प्रतिशत सौर ऊर्जा से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में रेल सौधा में स्थापित 250 केडब्ल्यूपी सौर पैनलों ने 2.75 लाख यूनिट ऊर्जा उत्पन्न की है जिसके परिणाम स्वरूप 15.51 लाख रुपए की बचत हुई है। हुब्बल्ली मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में स्थापित 320 केडब्ल्यूपी सौर पैनलों ने पिछले वित्तीय वर्ष में 84,294 यूनिट बिजली का उत्पादन किया है जिसके परिणामस्वरूप रुपए की बचत हुई है। 2.80 लाख। बेंगलूरू मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में 80 केडब्ल्यूपी सौर पैनलों ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 94,115 यूनिट ऊर्जा उत्पन्न की है जिसके परिणामस्वरूप रुपए की बचत हुई है। 4.25 लाख। मैसूरु मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में 100 केडब्ल्यूपी सौर स्थापना से, 2021-22 के दौरान 1.28 लाख यूनिट ऊर्जा उत्पन्न हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप 5.11 लाख रुपए की बचत हुई है।
इसी अवधि में, हुब्बल्ली कार्यशाला में स्थापित 1045 किलोवाट सौर पैनलों ने 11.21 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पन्न की, जिसने 47.28 लाख रुपए की बचत हुई। मैसूरु कार्यशाला में 500 किलोवाट के सौर पैनलों से 5.36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन कर 18.40 लाख की बचत की है।
हुब्बल्ली ईएमडी शेड में 640 किलोवाट के सोलर पैनल, कृष्णराजपुरम डीजल शेड में 240 किलोवाट के सोलर पैनल और आइओएच शेड में 170किलोवाट के सोलर पैनल से क्रमश: 6.77 लाख यूनिट, 2.46 लाख यूनिट और 1.80 लाख यूनिट का उत्पादन किया गया है, जिससे 52.04 लाख की बचत की गई है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एसएसएस हुब्बल्ली स्टेशन पर सौर पैनलों ने 3.38 लाख यूनिट ऊर्जा उत्पन्न की है, यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर 80 किलोवाट सौर पैनलों ने 0.95 लाख यूनिट और मैसूरु रेलवे स्टेशन पर 110 केडब्ल्यूपी सौर पैनल ने 1.42 लाख यूनिट बिजली उत्पादन की है। इन स्टेशनों ने 21.42 लाख रुपए की बिजली बचत की है।
दपरे के महाप्रबंधक संजीव किशोर ने कहा कि दक्षिण पश्चिम रेलवे चालू वित्त वर्ष में 26 स्टेशनों पर और सोलर पैनल लगाने की योजना बना रहा है। महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे स्वच्छ ऊर्जा का दोहन कर रहा है और 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन रेलवे बनने के मिशन में तेजी आएगी। प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता जयपाल सिंह की अध्यक्षता में और मंडल स्तर मंडल रेल प्रबंधक हुब्बल्ली अरविंद मलखेड़े, मंडल रेल प्रबंधक मैसूरु राहुल अग्रवाल, मंडल रेल प्रबंधक श्यामसिंह के नेतृत्व में मंडल स्तर पर टीम सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बचत में कार्य कर रही हैं।
रेलवे में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा, 1.96 करोड़ रुपए की बचत
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