यूवीसीइ को राहत, नहीं घटेंगी इंजीनियरिंग की सीटें

यूवीसीइ को राहत, नहीं घटेंगी इंजीनियरिंग की सीटें

Shankar Sharma | Publish: May, 24 2019 12:29:56 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) ने बेंगलूरु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरय्या कॉलेज ऑफ इंजीनियिरिंग (यूवीसीइ) को राहत देते हुए 10 फीसदी सीटें कम करने के अपने निर्देश को वापस ले लिया है।

बेंगलूरु. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) ने बेंगलूरु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित यूनिवर्सिटी विश्वेश्वरय्या कॉलेज ऑफ इंजीनियिरिंग (यूवीसीइ) को राहत देते हुए 10 फीसदी सीटें कम करने के अपने निर्देश को वापस ले लिया है।

प्रोफसरों की कमी के कारण एआइसीटीइ ने सत्र २०१९-२० से सीटें घटाने की बात कही थी। लेकिन प्रदेश सरकार के रिक्त पदों पर नियुक्ति के आश्वासन के बाद एआइसीटीइ ने मौजूदा सीटों को बरकरार रखने का निर्णय लिया। साथ ही में प्रोफेसरों की कमी को जल्द से जल्द दूर करने की हिदायत भी दी है।


यूवीसीइ में इंजीनियरिंग की कुल ९०० सीटें हैं। इनमें से ५५० सीटें स्नातक और ३५० सीटें स्नातकोत्तर की हैं। बीयू के कुलपति व यूवीसीइ के पूर्व प्राचार्य प्रो. केआर वेणुगोपाल ने बताया कि यूवीसीइ करीब एक दशक से प्रोफेसर व मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। १७५ नियमित प्रोफेसर होने चाहिए, लेकिन ९१ नियमित प्रोफेसर ही हैं। ऐसे में शेष ८४ पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने अगस्त के अंत तक रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया है।


प्रो. वेणुगोपाल ने बताया कि यूवीसीइ अतिथि प्रोफेसरों की सेवाएं ले रहा है। जो अन्य कई कॉलेजों के नियमित प्रोफेसरों से बेहतर और अनुभवी हैं। खामियों के बावजूद यूवीसीइ देश के बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। निजी कॉलजों में १५००-२००० सीटों के मुकाबले यूवीसीइ में इंजीनियरिंग की ९०० सीटें ही हैं। ज्यादातर विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हैं।


कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रोफेसरों की भारी कमी है, इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसके कारण एआइसीटीइ ने सीटें घटाने को लेकर दबाव बना रखा है। एआइसीटीइ ने यूवीसीइ सहित कई कॉलेजों को चेताया भी था।

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