16 करोड़ की वैक्सीन ने 14 माह की बच्ची को दी नई जिंदगी

  • नोवार्टिस (Novartis) की ओर से आयोजित लॉटरी की भाग्यशाली विजेता होने के कारण बच्ची को टीका नसीब हुआ।

By: Nikhil Kumar

Published: 17 Feb 2021, 08:27 AM IST

बेंगलूरु. स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy or SMA - एसएमए) एक ऐसी दुर्लभ आनुवंशिक (Genetic) बीमारी है जिसके सिर्फ एक इंजेक्शन (जीन थेरेपी) की कीमत है 16 करोड़ रुपए। यह अब तक का सबसे महंगा एकल उपचार है।

जोलगेन्स्मा (Zolgensma) नामक यह इंजेक्शन अमरीका से मंगाई जाती है। इस इंजेक्शन की खासियत ये है कि यह बच्चों की मांसपेशियों को कमजोर कर उन्हें हिलने-डुलने और सांस लेने में समस्या पैदा करने वाले जीन को निष्क्रिय कर देता है, यानी यह तंत्रिका कोशिकाओं के लिए जरूरी प्रोटीन का उत्पादन शुरू कर देता है।

राज्य में पहली बार शहर के बैप्टिस्ट अस्पताल (Baptist HOSPITAL में किसी बाल मरीज को यह टीका लगा है। अस्पताल के निदेशक डॉ. नवीन थॉमस ने कहा कि 21 जनवरी को 14 महीने की बच्ची को यह वैक्सीन लगाई गई। परिवार उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल का रहने वाला है। नोवार्टिस (Novartis) की ओर से आयोजित लॉटरी की भाग्यशाली विजेता होने के कारण बच्ची को टीका नसीब हुआ।

न्यूरोमस्कुलर विशेषज्ञ डॉ. एन. एग्नेस मैथ्यू ने कहा कि बच्ची की सेहत में सुधार है। वह पूरी तरह से स्वस्थ होने की ओर अग्रसर है। उन्हें उस दिन का इंतजार है जब देश के हर मरीज को यह वैक्सीन लगाई जा सकेगी। गंभीर और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों से जूझ रहे करीब 200 बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। गत वर्ष 38 बाल मरीजों ने महंगे उपचार के कारण दम तोड़ दिया।

Nikhil Kumar Reporting
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