सुरक्षा चुनौतियों से निपटने स्वदेशी रक्षा तकनीक का करें विकास: उपराष्ट्रपति

  • एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर
  • राज्यपाल थावरचंद गहलोत के साथ एचएएल का किया दौरा

By: MAGAN DARMOLA

Published: 21 Aug 2021, 06:51 PM IST

बेंगलूरु. जटिल भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उपराष्ट्रपति एम.वेंकय्या नायडू ने देश के रक्षा प्रतिष्ठानों का आह्वान किया है कि अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों का विकास स्वदेशी तरीके से करें। यहां शुक्रवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत के साथ उपराष्ट्रपति ने पहली बार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का दौरा किया।

इस दौरान एचएएल और वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। भू-राजनीतिक माहौल काफी जटिल है। उन्होंने कहा कि देश के महिला एवं पुरुष कठिन सुरक्षा माहौल में वर्दी में काम करते हैं। फिर भी, उन्होंने हमेशा अनुकरणीय वीरता और प्रतिबद्धता के साथ अपने रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना किया है।

उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे सशस्त्र बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहे और किसी भी सुरक्षा खतरे को मजबूती से पीछे हटाएं। इसलिए, समर्थ और सक्षम भारत बनाने के लिए रक्षा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता सर्वोपरि है। स्वदेशी उत्पाद भविष्य में एक एयरोस्पेस और रक्षा पॉवर हाउस के रूप में भारत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अस्तित्व में आने के बाद पिछले 80 वर्ष में इस कंपनी ने जो योगदान दिया उस पर हमें गर्व है।

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि विविध उत्पादों के साथ एचएएल एक अनूठी कंपनी है। भविष्य में इस कंपनी से काफी उम्मीदें हैं। उपराष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने एचएएल के हेलीकॉप्टर एवं एलसीए डिविजन का भी दौरा किया।

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