विक्टोरिया अस्पताल में अब केवल कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार : मुख्यमंत्री

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने कुछ दिन पहले ही विक्टोरिया अस्पताल को कोराना वायरस के मरीजों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव किया था। ताकि सभी मरीजों का उपचार एक ही छत के नीचे समन्वय के साथ हो सके।

बेंगलूरु. प्रदेश के सबसे पुराने विक्टोरिया सरकारी अस्पताल (Victoria Government Hospital to treat only corona virus patients) में अब केवल कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार होगा। अस्पताल में करीब 1700 बिस्तर हैं। आइसोलेशन वार्ड से लेकर आइसीयू व वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री बी. एस. येडियूरप्पा ने रविवार सुबह टास्क फोर्स के सदस्यों के साथ उनके घर पर आयोजित आपालकालीन बैठक के बाद इसकी घोषणा की। विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने कुछ दिन पहले ही विक्टोरिया अस्पताल को कोराना वायरस के मरीजों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव किया था। ताकि सभी मरीजों का उपचार एक ही छत के नीचे समन्वय के साथ हो सके।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नोवल कोरोना वायरय के पॉजिटिव मरीजों के साथ संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। रविवार को छह नए मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई। इसके साथ ही पॉजिटिव मरीजों की संख्या 26 पहुंच गई है। इसमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है। पांच स्वस्थ हो चुके हैं। पांच में से एक को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। 135 लोग प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डां में भर्ती हैं। संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की बात करें तो शनिवार शाम से रविवार दोपहर दो बजे तक कुल 1406 संदिग्धों को एहतियातन निगरानी में रखा गया है। 22 जनवरी से रविवार दोपहर दो बजे तक कुल 10,219 संदिग्धों को निगरानी में रखा गया है।

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Nikhil Kumar Reporting
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