विधान परिषद में कांग्रेस तथा भाजपा के सदस्यों के बीच हाथापाई

सदन के मार्शल भी मौनदर्शक

By: Sanjay Kulkarni

Published: 16 Dec 2020, 08:03 PM IST

बेंगलूरु. विधान परिषद में मंगलवार को शर्मसार करने वाला घटनाक्रम हुआ। परिषद के सदस्यों का बरताव देखकर सदन के मार्शल भी मौनदर्शक बन गए।सुबह 11:25 बजे भाजपा के सदस्य अचानक उपसभापति एसएल धर्मेगौड़ा को सभापति की पीठ पर बैठाकर सदन की कार्यवाही शुरू करने का दबाव डालने लगे। इसका विरोध करते हुए कांग्रेस के सदस्य सभापति की पीठ के पास पहुंच गए।

सभापति के पीठ के आस-पास ही कांग्रेस तथा भाजपा के सदस्यों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।इस बीच भाजपा के कुछ सदस्यों ने सभापति को सदन में प्रवेश करने से रोकने के लिए सदन का वह दरवाजा बंद कर दिया जहां से सभापति आते हैं। इससे आक्रोशित कांग्रेस के सदस्यों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस तथा भाजपा सदस्यों के बीच काफी देर तक तू-तू मैं-मैं चलती रही और सदन में अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला।

कुछ वरिष्ठ सदस्य सभापति पीठ के पास पहुंचे कांग्रेस तथा भाजपा के सदस्यों को अपने स्थानों पर लौटने की अपील करते रहे लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा।उधर कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने उपसभापति धर्मेगौड़ा को सभापति की सीट से खींचकर उतार दिया और उस सीट पर कांग्रेस के चंद्रशेखर पाटिल बैठ गए। उत्तेजित भाजपा सदस्यों ने मार्शलों से कहा कि वे सभापति की सीट पर बैठे चंद्रशेखर पाटिल को हटाएं। इसके बाद कांग्रेस तथा भाजपा के सदस्य एक दूसरे से भिड़ गए। धक्का-मुक्की के कारण कई सदस्य संतुलन खो कर गिर पड़े। मार्शलों ने सभापति के पीठ को घेर लिया। कांग्रेस के सदस्य सभापति प्रतापचंद्र शेट्टी को सदन में बुलाने की मांग करने लगे।

इस बीच 11:38 बजे मार्शलों के घेरे में सभापति प्रतापचंद्र शेट्टी सदन में पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण तथा भाजपा के कई सदस्यों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।शोरगुल के बीच सभापति ने 11:39 बजे सदन को अनिश्चित काल तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। सभापति के फैसले से भाजपा तथा जनता दल-एस के सदस्य हक्के-बक्के रह गए।

सभापति की घोषणा के बावजूद सदस्य सदन में मौजूद रहे।एक दूसरे पर गुंडागर्दी का आरोपकांग्रेस तथा भाजपा दोनों ने भी एक दूसरे पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष एसआर पाटिल ने आज के दिन को विधान परिषद के इतिहास का काला दिन करार देते हुए कहा कि भाजपा के सदस्यों ने सभापति का सदन में आने का इंतजार भी नहीं किया और उपसभापति को सभापति के स्थान पर बिठाकर संसदीय परंपराओं का अपमान किया है।कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री जेसी मधुस्वामी तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कांग्रेस सदस्यों पर गणतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सभापति प्रतापचंद्र शेट्टी से त्यागपत्र देने की मांग की।

कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि उपसभापति को जबर्दस्ती सभापति की पीठ पर बैठाना गैरकानूनी है। सभापति के सदन में प्रवेश के लिए कई शिष्टाचार बने हैं। इन शिष्टाचारों का पालन किया जाना चाहिए। सभापति के सदन में आने से पहले ही सदन का दरवाजा बंद किया जाना भाजपा की गुंडागर्दी को दर्शाता है। कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री ही मार्शलों को धमकियां दे रहे हैं। जिन भाजपा सदस्यों ने सभापति के आने से पहले सदन के दरवाजे बंद किए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Sanjay Kulkarni Reporting
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