कर्नाटक में अघोषित लॉकडाउन: किराना, दवा, भवन निर्माण सामग्री को छोड़कर बाकी दुकानें 4 मई तक रहेंगी बंद

सरकार के संशोधित आदेश के बाद गुरुवार को पुलिस ने चिकपेट, गांधी नगर, बीवीके अयंगर रोड सहित बेंगलूरु के सभी प्रमुख बाजारों में गैर जरुरी वस्तुओं की दुकानों को बंद करा दिया। बिना लॉकडाउन की घोषणा किए ही अचानक दुकानों को बंद कराने से व्यापारियों में नाराजगी

By: Jeevendra Jha

Published: 23 Apr 2021, 03:02 AM IST

बेंगलूरु. राज्य में घोषित लॉकडाउन नहीं होने के बावजूद कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या 25 हजार से ज्यादा होने के बाद राज्य सरकार ने संक्रमण रोकथाम उपायों के तहत गैर जरुरी वस्तुओं की दुकानों को 4 मई तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। बुधवार रात मुख्य सचिव पी. रविकुमार की ओर से संशोधित आदेश जारी होने के बाद गुरुवार को पुलिस ने बेंगलूरु, मैसूरु सहित प्रदेश के अन्य जिलों में गैर जरुरी वस्तुओं की दुकानों को बंद करा दिया। आदेश के मुताबिक सोमवार से शुक्रवार तक राज्य में रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा और इस दौरान औद्योगिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं होगी। हालांकि, सरकारी राशन की दुकानें, किराना व खाद्य पदार्थों, दूध, आदि की दुकानें खुली रहेंगी। फल, फूल और सब्जी के थोक बाजार भी खुले मैदानों में लगेंगे। सैलून, ब्यूटी पार्लर, दवा व अन्य आवश्यक सेवाओं की दुकानें, निर्माण सामग्री की दुकानें खुली रहेंगी। रेस्तरां, भोजनालय, शराब की एकल दुकानें, बार आदि खुले रहेंगे। लेकिन, ग्राहक सिर्फ पार्सल (टेक अवे सर्विस) लेकर ही जा सकेंगे। बैंकिंग, बीमा, एटीएम व अन्य वित्तीय सेवाओं और खाद्य प्रसंस्करण, शीत व भंडारण गृह से जुड़ी इकाईयों को इससे छूट दी गई है। बुधवार को जारी संशोधित आदेश के मुताबिक इसके अलावा अन्य सभी दुकानें, वाणिज्यिक व निजी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। अंतरराज्यीय या राज्य के अंदर आवाजाही पर किसी तरह की रोक नहीं है। कंटेंमेंट जोन के बाहर स्वास्थ्य सेवा से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी पूर्ण क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी गई है। ई-कार्मस के जरिए सामानों की आपूर्ति की जा सकेगी।

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सरकार के संशोधित आदेश के बाद गुरुवार को पुलिस ने चिकपेट, गांधी नगर, बीवीके अयंगर रोड सहित बेंगलूरु के सभी प्रमुख बाजारों में गैर जरुरी वस्तुओं की दुकानों को बंद करा दिया। बिना लॉकडाउन की घोषणा किए ही अचानक दुकानों को बंद कराने से व्यापारियों में नाराजगी है। कई व्यापारियों ने कहा कि जब शराब की दुकानों को अनुमति दी गई तो फिर कपड़े या दूसरी चीजों की दुकानों को बंद कराने का क्या औचित्य है। कई जगह व्यापारियों और बाजार बंद करा रहे पुलिस कर्मियों में इसे लेकर बहस भी हुई। व्यापारिक और वाणिज्यिक संगठनों ने सरकार सेे गैर जरुरी वस्तुओं की दुकानों को बंद रखने के आदेश पर पुनर्विचार करने अथवा कुछ शर्तों के साथ इलाकेवार दुकानें खोलने की अनुमति देने की मांग की है।

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धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल बंद
सर्वदलीय बैठक के बाद कोरोना रोकथाम के लिए घोषित उपायों के तहत गुरुवार से 4 मई तक राज्य में शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, थिएटर, स्वीमिंग पूल, जिम, योग केंद्र, स्पा, मनोरंजन पार्क, धार्मिक स्थल, बार, सभागार, स्टेडियम आदि बंद कर दिए गए। हालांकि, कुछ खेल गतिविधियों को अनुमति दी गई है। लेकिन, उसमें दर्शकों की मौजूदगी नहीं होगी। सभी तरह के धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी रोक रहेगी। शिक्षण संस्थान भी इस दौरान बंद रहेंगे।

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आज रात से सप्ताहांत कर्फ्यू
राज्य में शुक्रवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक सप्ताहांत कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान सुबह 6 से 10 बजे तक सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की अनुमति होगी। यात्री टिकट दिखाकर बस अड्डा, रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डा अथवा वहां से गंतव्य तक जा सकेंगे।

असमंजस से बढ़़ी परेशानी
मंगलवार को सर्वदलीय बैठक के बाद जारी आदेश में दुकानों को बंद रखने का उल्लेख नहीं था। लेकिन, एक दिन बाद जारी संशोधित आदेश में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य दुकानों को बंद रखने का जिक्र एक पंक्ति में था। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारी इसे लेकर बुधवार रात तक स्थिति साफ नहीं कर सके। आदेश में स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से उपजे संशय के कारण परेशानी की स्थिति बनी।

Jeevendra Jha
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